तथाकथित सेक्यूलरों के प्रिय पत्थरबाजों ने घेरकर मार डाला हमारे जवान को.. अमर हुआ जवान राजेन्द्र

जब भी भारतीय सेना पत्थरबाज आतंकियों के खिलाफ कोई एक्शन लेती है, देश के तथाकथित सेक्यूलर तत्व व मानवतावादी लोग पत्थरबाजों के पक्ष में ये बोलकर खड़े हो जाते हैं कि ये भटके हुए नौजवान है. और इन्ही भटके हुए नौजवानों ने भारतीय सेना के जांबाज जवान राजेन्द्र सिंह पर हमला करके उनकी जान ले ली. बता दें कि जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में राजेन्द्र सिंह गुरूवार को पत्थरबाजी में घायल हो गये थे तथा शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.

उत्तराखंड के पिथोरागढ़ के रहने वाले राजेंद्र सिंह उस टीम का हिस्सा थे, जो बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन को सुरक्षा देने का काम करती है. गुरुवार को उनकी टीम पर अनंतनाग बायपास पर पत्थरबाजों ने हमला किया. इसी हमले में एक पत्थर राजेंद्र सिंह के सिर में लगा. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन शुक्रवार को उनकी मौत हो गई. सेना के अनुसार, गुरुवार शाम 8 बजे अनंतनाग में एनएच-44 पर जब सेना की गाड़ी गुजर रही थी, उसी समय पत्थरबाजों ने पत्थर बरसाए. इस हमले में एक पत्थर सीधा राजेंद्र सिंह के सिर पर लगा.

सेना ने बताया कि जवान राजेन्द्र सिंह को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन गंभीर चोट के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ. शुक्रवार शाम उनकी मौत हो गई. राजेंद्र सिंह उत्तराखंड के पिथोरागढ़ जिले के बडेना गांव के रहने वाले थे. वह 2016 में सेना में भर्ती हुए थे. पत्थरबाजों के हमले में सेना जवान की मौत के बाद सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.  सेना प्रमुख ने कहा कि इस घटना के बाद आतंकी और पत्थरबाजों में फर्क कैसे माना जाए तथा क्यों ना पत्थरबाजों के साथ भी आतंकवादियों जैसा सलूक हो. सेना प्रमुख ने कहा, ‘जिस जवान की पत्थरबाजी में मौत हुई है वह सीमा सड़क टीम की सुरक्षा में लगा हुआ था जो सड़कों का निर्माण कर रही है. कुछ लोग उसके बाद हमसे पूछते हैं कि पत्थरबाजों के साथ आतंकियों जैसा व्यवहार ना करो.

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