केजरीवाल शासित राजधानी दिल्ली में चल रहा था नकली नोटों का कारोबार.. भारत की अर्थव्यवस्था पर वार कर रहा शरीफुल जिसका सामने आया बांग्लादेशी कनेक्शन

बम धमाकों के साथ हिंदुस्तान की पावन धरती को लहूलुहान करने वाले मजहबी उन्मादियों ने हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी वार करना शुरू कर दिया है. अरविंद केजरीवाल शासित देश की राजधानी दिल्ली में नकली नोटों के कारोबार के गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये तस्कर नेपाल और बांग्लादेश के जरिए पहले देश में नोट लाते थे इसके बाद अलग-अलग रास्तों से उसे दिल्ली और आसपास के इलाकों में पहुंचा देते थे.  पुलिस ने जिन चार लोगों को पकड़ा है उनके पास से 8 लाख 48 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं.

पुलिस के मुताबिक, ये सभी नोट 2000 रुपये के हैं तथा नकली नोट की छपाई इस तरह से की गई है कि आम लोगों के लिए अंतर कर पाना बहुत मुश्किल है. यहां तक कि सुरक्षा धागा भी नकली नोट में मौजूद है. पुलिस के मुताबिक करीब 8 साल से ये मॉड्यूल नकली नोट का सप्लाई कर रहा था. बीच में नोटबंदी की वजह से इनका काम रुक गया था लेकिन बेहद कम समय में गैंग ने नए नोट की भी कॉपी तैयार कर ली. आरोपियों से पूछताछ के बाद पता चला है कि ये मॉड्यूल दो रूटों के जरिये नकली नोटों की खेप को दिल्ली-एनसीआर में लाता था.  पहला रूट बांग्लादेश से मालदा होते हुए आता था जबकि इनका दूसरा रूट नेपाल- बिहार होते हुए दिल्ली लाया जाता है. इस मामले में स्पेशल सेल की टीम ने सबसे पहले 21 नवंबर को शरीफुल को गिरफ्तार किया.

शरीफुल से पूछताछ के बाद फारुख को गिरफ्तार किया जो एनसीआर में नोटों की सप्लाई में मुख्य किरदार की भूमिका निभाता था. शरीफुल बांग्लादेश वाले रूट के जरिये नोटों की सप्लाई करता है. इसके बाद पुलिस ने आसिफ राज और मुख्तियार अहमद को गिरफ्तार किया. इनके पास से 2 लाख 48 हजार के नकली नोट मिले हैं. ये नेपाल के रास्ते नकली नोट दिल्ली लाते थे. पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 60 और 40 के अनुपात में लेन -देन होता था. यानी 100 रुपये के नकली नोट के 60 रुपये लेते थे. फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्‍य लोगों की तलाश कर रही है.

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