बच्चे पैदा तो करेंगे लेकिन उसका इलाज नहीं करवाएंगे, जब दवा मांगी तो मिला 3 तलाक


तीन तलाक पर सरकार ने लाख रोक लगा दिया हो पर अब भी ये कट्टर मजहबी शरियत कानून के गिरफ्त में है और उसको ही मान रहे है और सबसे बड़ी बात कि छोटी छोटी चीजों पर तीन तलाक़ दे दे रहे हैं. क्या मानसिकता इनकी तुच्छ है कि चंद छोटे मसलों पर ये तीन तलाक़ दे रहे है और भूल जा रहे हैं की देश के कानून ने तीन तलाक़ पर रोक लगा दी है या फिर से मुस्लिम महिलाओं को भोग की वस्तु समझते हैं.

आपको बता दे कि मामला हापुड़ के सिटी कोतवाली इलाके का है. यहां महिला की शादी नदीम नाम के शख्स से 3 साल पहले हुई थी और पीड़िता का आरोप है कि

उसके साथ नदीम काफी सालों से मारपीट करता आ रहा था और दहेज के नाम पर बाइक,पैसे की मांग करता था. अभी एक महीने पहले पति नदीम महिला से

मारपीट कर पत्नी को मायके में ही 3 तलाक बोलकर चला गया था.

अब पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की है.
पीड़िता का आरोप है कि नदीम ने कई दफा उसके बच्चे के साथ भी मारपीट की है. इस वजह से कई बार बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. पीड़िता ने बच्चे

के इलाज खर्चे के लिए रूपये भी मांगे थे लेकिन वह उसे खर्चा नहीं दिया बल्कि उल्टा तलाक देकर चला गया. पीड़िता आज थाने में न्याय की लिए पहुंची है.

पुलिस

ने मामला सामने आते है की तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच की शुरू कर दी हैं.
क्या ये सत्ता के कानून को सीधी चुनौती नहीं है या फिर इनको कानून से कोई डर नहीं, जो ये ऐसी हरकते कर रहे हैं. 


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