जिस तब्लीगी जमात के इज्तेमा पर सवाल उठाया था सुदर्शन न्यूज़ ने,, अब उस पर आया देवबंद का ऐसा फैसला जो खामोश कर देगा तमाम अफवाहबाजों को

सुदर्शन न्यूज़ ने जिस इस्लामिक संगठन तब्लीगी जमात के इज्तेमा पर सवाल उठाये थे, उस तब्लीगी जमात के बारे में इस्लामिक शिक्षा के देवबंद ने ऐसा फैसला किया है जिसने एक तरह से सुदर्शन के दावे पर मुहर लगा दी है. खबर के मुताबिक़,  दारूल उलूम देवबंद में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए तब्लीगी जमात पर रोक लगाते हुए छात्रों को उससे दूर रहने के निर्देश दिए हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संस्था के चांसलर मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने शुक्रवार को जारी निर्देशों में कहा है कि दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद कांधलवी पर आरोप लगाया कि वे तब्लीगी जमात के जलसों में इस्लाम धर्म की सही व्याख्या नहीं करते हैं. उन पर आरोप है कि वे मुसलमान कौम को इस्लाम के सही रास्ते से हटाने का काम करते हैं. इतना ही नहीं मोहतमिम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि दोनों जमातों से दारुल उलूम के जिम्मेदारों का कोई ताल्लुक नहीं है. अगर कोई छात्र जमात की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

बता दें कि तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधलवी पर आरोप है कि वह बड़े बड़े इज्तमा में शामिल होकर दीन इस्लाम की गलत व्याख्या कर कौम को भटकाने का काम कर रहे हैं. लगातार शिकायतें मिलने के बाद दारुल उलूम ने मौलाना साद को कई बार अपनी हरकतों से बाज आने को कहा, लेकिन उसके बावजूद मौलाना साद गलत बयानबाजी कर रहे हैं. गलत बयानबाजी को लेकर दारुल उलूम लगातार मौलाना साद से बेहद नाराज चल रहा है.

नाराजगी किस हद तक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बयान जारी कर कहा कि तब्लीगी जमात के आपसी विवाद से दारुल उलूम को बचाने के लिए संस्था के जिम्मेदारों ने पहले से यह तय किया हुआ है कि दारुल उलूम का हर जिम्मेदार और हर छात्र का दोनों जमातों से कोई ताल्लुक नहीं है। पूर्व में तब्लीगी जमात की संस्था के भीतर सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

उन्होंने कहा कि छात्रों को चाहिए कि वह दारुल उलूम के भीतर या बाहर जमात की गतिविधियों में शामिल होने से परहेज करें. चेतावनी दी कि अगर कोई छात्र आदेश की अनदेखी कर तब्लीगी जमात की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. इतना ही नहीं मौलाना बनारसी ने संस्था के कर्मचारियों और छात्रों से यह भी कहा कि वह तब्लीगी जमात की कोई गतिविधि संस्था के भीतर न हो इस पर पैनी नजर रखें और ऐसे कोई गतिविधि देखी जाती है तो उसकी जानकारी तुरंत जिम्मेदारों को दें क्योंकि तब्लीगी इस्लाम की गलत व्याख्या करती है.

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