आतंकी को मारने की सजा दिलाई जांबाज अफसर डीजी वंजारा को उन्होंने जो इंस्पेक्टर सुबोध के लिए कर रहे न्याय का ढोंग

गुजरात के सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में मुंबई की सीबीआई कोर्ट द्वारा सभी 22 आरोपियों को बरी किये जाने के बाद गुजरात पुलिस के जांबाज अफसर रहे डीजी वंजारा ने बड़ा बयान दिया है. डीजी वंजारा ने कहा है कि अगर सोहराबुदीन का एनकाउंटर नहीं किया गया होता तो पाकिस्तान गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की ह्त्या करा देता. बता दें कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में पूर्व आईपीएस तथा गुजरात पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा भी आरोपी बनाये गये थे, जिन्हें सजा दिलाने के लिए उन सभी लोगों ने पूरी ताकत लगाई थी जो आज इंस्पेक्टर सुबोध को न्याय दिलाने का ढोंग कर रहे हैं.

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में पूर्व आरोपी रहे वंजारा ने कहा यदि गुजरात पुलिस यह मुठभेड़ न होती, यदि सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर न होता तो पाकिस्तान उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की साजिश में कामयाब हो जाता और गुजरात एक और कश्मीर बन जाता. वंजारा ने कहा, ‘गुजरात, आंध्र प्रदेश और राजस्थान पुलिस को गुजरात की बीजेपी सरकार और केंद्र की कांग्रेस सरकार की राजनीतिक लड़ाई के बीच में बलि का बकरा बनाया गया था.’ डीजी वंजारा ने कहा कि ‘सीबीआई कोर्ट ने अपने फैसले में सभी 22 आरोपी पुलिस अधिकारियों को बरी किए जाना उस बात की पुष्टि करता है जो मैं काफी पहले से कहता आ रहा हूं कि इनमें से कोई भी एनकाउंटर राज्य द्वारा निर्धारित नहीं था, ये भी एनकाउंर पाकिस्तान प्रयोजित उन आतंकियों के खात्मे के लिए किए गए थे जिनका उद्देश्य गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करना था.’

बता दें कि वंजारा को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 3 साल पहले बरी कर दिया था. उन्होंने कहा कि “राष्ट्रविरोधी तत्वों” ने आतंकवादी समूहों की सहायता और ईमानदार पुलिस अधिकारियों को परेशान करने के लिए वास्तविक मुठभेड़ की घटनाओं को नकली में बदलने की कोशिश की थी. हाल ही में मुंबई की सीबीआई कोर्ट द्वारा सभी 22 आरोपियों के बरी कर दिया. वर्ष 2005 के इस मामले में ये 22 लोग मुकदमे का सामना कर रहे थे. इनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं.

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