सब कुछ सही चल रहा कमलेश तिवारी के साथ.. अचानक उनके पास आई थी फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट


हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की क्रूरतम ह्त्या मामले में नित नए तथा हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब जो नया खुलासा हुआ है वो ये है कि कमलेश तिवारी डिजिटल जिहाद का शिकार हो गये. जिस तरह से कमलेश तिवारी की ह्त्या करने के लिए मजहबी उन्मादियों ने न सिर्फ प्लान बनाया बल्कि उसको अंजाम तक पहुंचाते हुए कमलेश तिवारी की जान ले ली, वो काफी हैरान करने वाला है. हम कह सकते हैं कि लव जिहाद, लैंड जिहाद या अन्य तमाम की तरह ये डिजिटल जिहाद है जिसने कमलेश तिवारी की ह्त्या की गई.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कमलेश तिवारी की हत्या खूब-सोची समझी रणनीति के तहत लम्बी योजना बनाकर की गयी. जिहादियों ने इसके लिए सोशल मीडिया फेसबुक का सहारा लिया था. हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की जिन्दगी में सब कुछ सही चल रहा था. फिर एक दिन उन्हें रोहित सोलंकी नाम के किसी व्यक्ति ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट सेंड की. रोहित सोलंकी नाम की इस फेसबुक आईडी से हिंदूवादी पोस्ट की जाती थीं, अतः कमलेश तिवारी ने ये फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली. यही वो समय था जब कमलेश तिवारी डिजिटल जिहाद में फंस गये.

दरअसल ये रोहित सोलंकी कोई और नहीं बल्कि अशफाक था.. वो अशफाक जिसने कमलेश तिवारी के ऑफिस में आकार उनकी ह्त्या की थी. फेसबुक आईडी के जरिए रोहित बने अशफाक ने कमलेश तिवारी से संपर्क साधा तथा कमलेश तिवारी उसके फेसबुक फ्रेंड बन गए थे. अशफाक अपने छ्द्मनाम रोहित से ही कमलेश से चैट किया करता था. फेसबुक पर बातचीत के दौरान ही उसने कमलेश से मुलाकात का वक्त मांगा था. इससे साफ है कि हिंदू समाज पार्टी के संस्थापक कमलेश की हत्या की प्लानिंग बीते कई महीनों से चल रही थी.

रोहित सोलंकी के नाम से बनी आईडी से पता चलता है कि इसी साल 16 मई को अशफाक ने इसे बनाया था. यही नहीं पूरी चालाकी के साथ उसने इस आईडी पर अपनी कोई फोटो या पहचान जाहिर नहीं की थी. फेसबुक आईडी से यह पता चलता है कि वह सूरत में ही रहता था. इसके अलावा अशफाक ने इस फेसबुक आईडी की प्रोफाइल पिक के तौर पर हिंदू समाज पार्टी का बैनर ही लगा रखा था, जिसकी टैगलाइन थी, ‘एक कदम हिंदुत्व की ओर’. इसी को  देखते हुए कमलेश तिवारी ने फेसबुक रिक्वेस्ट एक्सेप्ट की और इसी डिजिटल जिहाद को आगे बढाते हुए इस्लामिक जिहादियों ने क्रूरतम कमलेश तिवारी की जान ले ली.


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