जब डोकलाम में सेना अलर्ट थी तो आप चीन के सम्पर्क में थे, सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों को देश भूला नहीं है- मोदी

चीन से मित्रता और पाकिस्तान का पक्ष ये दो ऐसे मुद्दे हैं जिस पर मोदी ने आज कांग्रेस को चित्त कर डाला . भारत की तमाम समस्याओं की जड़ में कांग्रेस की भूमिका को बयान करते हए आज प्रधानमन्त्री श्री मोदी ने लोकसभा में एक प्रकार से पूरा हमलावर रुख रखा . प्रधानमन्त्री श्री मोदी ने कहा कि डोकलाम में जब सेना आमने सामने थी तब कांग्रेस की चीन से दोस्ती चल रही थी और जब भारत की सेना पाकिस्तान में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक कर रही थी तब ये पार्टी सेना पर ही आरोप लगा रही थी . इन आरोपों से अचानक ही कांग्रेस बैकफुट पर आ गयी और जवाब न होने पर चिल्लाना शुरू कर दिया लेकिन मोदी यहीं नहीं रुके . उन्होंने भारत की आर्थिक खस्ताहाल के लिए कांग्रेस की तत्कालीन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और उस से उबरने के अपने प्रयासों को भी बताया .

मोदी के संबोधन के Highlights

-कांग्रेस को यह अहंकार है कि देश को लोकतंत्र प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और उसने दिया है जबकि वास्तविकता यह है कि भारत में लोकतंत्र हजारों साल से है।
-सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन के कल के भाषण के संदर्भ में उन्होंने कहा ,’कांग्रस हमें लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाए।’ यह दुर्भाग्य है कि कांग्रेस नेताओं को लगता है कि भारत का जन्म 15 अगस्त 1947 को हुआ और लोकतंत्र आया।
-लिच्छवी साम्राज्य और बौद्धकाल में भी लोकतंत्र की गूंज थी। खड़गे को याद होगा कि उनके गृह राज्य कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले जगतगुरू विश्वेश्वर ने 12वीं शताब्दी में ऐसी व्यवस्था की थी जिनमें सबकुछ लोकतांत्रिक ढंग से होता था और महिलाओं की सदस्यता भी अनिवार्य थी। ढाई हजार वर्ष पहले गणराज्य की व्यवस्था थी जिसमें सहमति और असहमति का सम्मान होता था। इस तरह लोकतंत्र हमारी रगों और परंपराओं में है।
-कांग्रेस वंशवाद को बढ़ावा देती है। उसने अपनी पूरी ताकत एक परिवार का गुणगान करने में लगा दी।
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