जो फौज में रह कर भी सुप्रीम कोर्ट के कानून ना माने कैसे माना जाय कि वो राष्ट्रभक्त रहा होगा

तीन तलाक का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. देश भर में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई और तीन तलाक को लेकर बहस जारी है.सरकार के तीन तलाक के दिलेरी भरे फैसले के बाद भी ये रुकने का नाम नहीं ले रहा. क्योंकि मज़हबी कट्टरों की रूह तक में कट्टरता रच बस गई है और इसे दूर करना उनसे लडाई मोल लेना है और हो भी ऐसा ही रहा है तमाम मज़हबी ठेकेदार सरकार और कोर्ट के फैसले को मानने से इंकार कर रहे है और टकराव कि स्थिति पैदा कर दिया है.

आपको बता दे की एक मामला फिर सामने आया हैं मेरठ छावनी में तैनात एक सैन्यकर्मी ने अपनी पत्नी को तलाक देते हुए तलाकनामा डाक से भेज दिया.पूरे मामले में महिला ने अपने पति के खिलाफ एसएसपी से शिकायत करते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. मुर्सलीम जो बड़ौत के मोहल्ला चौधरान नई पट्टी का निवासी है जिसका निकाह नरगीस के साथ 13 अगस्त 2013 को हुआ था. मुर्सलीन ने तलाक के साथ भेजे शपथ पत्र में आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी नरगिस अपने मायके में रहती है.

निकाह के बाद वह केवल डेढ़ साल तक ससुराल में रही. मुर्सलीन के मुताबिक, मौखिक रूप से तलाक देने के बावजूद उसकी पत्नी के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ. इसलिए मुर्सलीन ने अब लिखित तौर पर भी तलाक देते हुए उसे डाक से भेज दिया है.मुर्सलीन ने शपथ पत्र में कहा है कि नरगिस की मेहर की रकम व ईदत्त का खर्चा भी मनी आर्डर से भेज दिया जाएगा.पूरे प्रकरण में नरगिस ने एसएसपी मेरठ से शिकायत की है.नरगिस का आरोप है कि उसका पति दहेज के लिए परेशान करता था.इस वजह से वह मायके में रह रही थी. अब पति ने उसे डाक से तलाक भेज दिया है.नरगिस ने प्रकरण में कार्रवाई की मांग की है.

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