अब नहीं रहेगी देश में पानी की किल्लत, जल शक्ति मंत्रालय करेगा ये काम..

मोदी सरकार-2 का जल के क्षेत्र पर विशेष जोर रहने वाला है. नए बने जल शक्ति मंत्रालय में जल संसाधन, नदी विकास व गंगा संरक्षण के साथ पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय भी जोड़ा गया है. दोनों विभागों के मंत्रालय में पिछले वित्त मंत्र से अगर तुलना की जाये तो कम बजट मिला है, लेकिन इस साल कि शुरुआत में आय बजट कि तुलना में यह 2000 करोड़ बढ़ा है. इस मंत्रालय में राज्यों के सहयोग कि जरुरत होगी योजनाओं को सफल बनाने के लिए.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को जो बजट पेश किया है उसमे जल को बहुत अहमियत दी गई है. क्यूंकि यह क्षेत्र मोदी की प्राथमिकता वाला क्षेत्र है, इसलिए सरकार पर ज्यादा जोर रहेगा. इसके केंद्र में जल संरक्षण, जल संभरण और 2024 तक हर घर में नल के जरिये पेयजल उबलब्ध करना है.

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अंतरिम बजट की तुलना में जल संसाधन, नदी विकास व गंगा संरक्षण के बजट में 204 करोड़ और पेयजल व स्वच्छता विभाग में 1800 करोड़ का आवंटन बढ़ा है. अगर अंतरिम बजट की तुलना करें तो इस बजट में 166 करोड़ रूपए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए, पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए 47 करोड़ व राज्य सरकारों की सहायता व अनुदान में 281 करोड़ बढ़ा दिए गये है. स्वच्छता व पेयजल मंत्रालय को अंतरिम बजट में 20016 करोड़ का बजट आवंटन किया गया था. जो पिछले वर्ष कि तुलना में 2340 करोड़ कम था. सरकार ने अब पेयजल योजनाओ पर जोर देने के कारण में 1800 करोड़ कि वृधि कि गई है.

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