ED जाँच में दर्जनों राजनीतिज्ञों और अफसरशाहों के नाम उजागर हुए.. मायावती, मीसा यादव , शेखर रेड्डी समेत कई लोग शामिल

नोटबंदी पर विपक्ष हमेशा बीजेपी को घेरता हैं पर नोट बंदी पर हुए फायदे उसे नहीं दीखते है या यु कह लो की वो देखना ही नहीं चाहते। नोट बंदी में जनता को बहुत मुस्किले हुई पर जनता सरकार के फैसले के साथ खड़ी थी वही कुछ चोर मिलीभगत से अपने कालेधन को सफ़ेद करने में लगे थे पर सरकार चौकन्नी थी और उसे पता था कि ऐसा होगा। इसीलिए ED जांच दस्ता उन चोरों पर नजरे बनाई हुई थी और उनको पकड़ा भी।

नोटबंदी को एक साल पूरा हो चूका है… ऐसे में एक साल बाद नोटबंदी को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है… ED ने नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर एक रिपोर्ट तैयार की है… ED कि जांच में दर्जनों राजनीतिज्ञों और अफसरशाहों के नाम उजागर हुए हैं… इसमें मायावती, मीसा यादव, शेखर रेड्डी समेत दर्जनों नेताओं के पैसे के संदिग्ध लेन-देन का ब्यौरा है…
उधर सीबीआई ने भी नोटबंदी के बाद काले धन की हेराफेरी के मामले में अबतक 77 एफआईआर दर्ज की है… इनमें 180 सरकारी कर्मचारियों समेत 307 लोगों के खिलाफ जांच चल रही है… यही वजह है कि विपक्षी दलों ने नोटबंदी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है… उन्हें मालूम है कि सरकार की विभिन्न एजेंसियां काले धन के खिलाफ काम कर रही है… इसलिए विपक्ष का शोर मचाना स्वभाविक है… उन्हे मालूम है कि आज नहीं तो कल सच सामने आ जाएगा…
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