एजाज ने सिर्फ सेना के साथ ही नही पूरे देश के साथ की है. गद्दारी पढ़े सेना की वर्दी में छिपे देशद्रोही की कहानी

इलाहाबाद : ना जाने वो कौन सी जेहरिली सोच है जिसके चलते एक सेना का जवान पाकिस्तान के सिखाये रास्ते पर चल कर अवैध हत्यारों का स्मगलर बन बैठा। वो सेना का जवान जिसने एक दिन देश की वर्दी पहन कर देश की रक्षा करने कि शपथ ली थी। एक तरफ वो सेना के जवान है जो देश की रक्षा करते करते खुद शहीद हो जाते है तो वही एक तरफ ये जवान है जो पेसे कमाने के लिए सेना से ही भाग क्र बड़ा हत्यारों का स्मगलर बन बेठा। 
दरसल, सेना मे भगोड़ा घोषित हो चुका सेना का जवान एजाज अहमद इलाहाबाद में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से भारी अवैध हथियारों का एक बड़ा बैग भी बरामद हुआ है। समझ नही आता है कि एक फौजी इतनी गलत राह पर कैसे चल सकता है। जो फौजी खुद अलगावादियों से लड़ता है वो खुद अलगवादी कैसे बन सकता है।   
सूत्रों कि मानें तो, यह फौजी बहुत सारे पैसे कमाने के लिये सेना छोड़कर भाग था। अवैध हथियारों की तस्करी के लिए पाकिस्तान की शरण ले ली। सेना में हथियारों की ट्रेनिंग व रणकौशल के चलते उसने देश के दर्जन भर राज्यों में अपना पूरा नेटवर्क फैला लिया था। क्योंकि उसके पास सेना का आईकार्ड था। जिसके चलते वह अगर पकड़ा जाता तो अपना आईकार्ड दिखा के बाघ जाता था। 
खुद को सीक्रेट मिशन पर बताकर उसने कई बार पुलिस को भी कई बार धोखा दे चूका है। यह फौजी असलहा तस्करों पर रौब जमाकर पूरे देश पर राज करना चाहता था। लेकिन सिकंदर के अधूरे सपने की तरह ही इसका भी सपना अधूरा रह गया और एसटीएफ व इलाहाबाद की संयुक्त टीम ने उसे उसके बिल से दबोच लिया।  
आपको बता दें कि 2012 में किश्तवाड़ से यह फौजी 10 दिन का अवकाश लेकर निकला था और फिर दोबारा लौटकर कभी नहीं आया। जिसके बाद उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। उसके इस गोरखधंधे में पिपरी निवासी इन्द्र कुमार दुबे, मुंगेर बिहार का कालिया, जमालपुर का पिन्टू सिंह से जैसे बड़े नाम भी शामिल हो गये। बता दें कि ये कोई पहला मामला नही है इससे पहले भी सेना का एक मुस्लिम जवान भाग कर पाकिस्तान के आतंकी संगठन ISIS से जुड़ गया था।  
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