“मिशन शक्ति” को लेकर विपक्ष ने पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग में की थी शिकायत.. अब चुनाव आयोग ने सुनाया ये फैसला

बुधवार को पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में जब बताया कि ऑपरेशन “मिशन शक्ति” पूरी तरह सफल रहा है तथा भारत आज अंतरिक्ष की महाशक्ति बन चुका है तो पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा हो गया. देशभर से वैज्ञानिकों तथा भारत सरकार को इस अभूतपूर्व सफलता के लिए बधाइयां दी गई. इस बाद वही हुआ जिसकी आशंकाएं थी. राजनैतिक विपक्षी पीएम मोदी के खिलाफ भड़क उठे तथा चुनाव आयोग में उनके खिलाफ शिकायत की कि पीएम मोदी ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है. इस मामले में चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुना दिया है.

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आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने PM मोदी के मिशन शक्ति की घोषणा के संबोधन को आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना है. आयोग ने कहा है कि मोदी के संबोधन में किसी भी तरह से उनकी पार्टी का प्रचार नहीं किया है. आयोग ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वोट की अपील नहीं की थी. विपक्ष की शिकायत पर चुनाव आयोग ने इसके लिए एक जांच कमेटी का गठन किया था और दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से प्रसारण की फीड और स्‍त्रोत एवं अन्‍य जानकारियां भी मांगी थी.

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पैनल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की जांच की तथा पीएम मोदी  के मिशन शक्ति की घोषणा के संबोधन को आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना है. शुक्रवार को मामले पर बोलते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि पहली नज़र में प्रधानमंत्री के सम्बोधन के तथ्यों से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है. अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री ने न अपनी पार्टी का जिक्र किया और न मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट देने की अपील की, इसलिए ये मामला आचार संहिता के उल्लंघन का नहीं बनता.

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