गाय को ट्रैक्टर की ठोकर से मार देने वाला पूरा परिवार गाँव से निष्काषित

गौ माता का हिन्दू समाज में विशेष स्थान है . गाय ही एकमात्र जीव ऐसा है जिसका दूध ही नहीं बल्कि मूत्र भी औषधि है और इसको देश विदेश की तमाम प्रयोगशालाएं साबित और सिद्ध कर चुकी हैं . एक स्वस्थ मानव के लिए सबसे अधिक जरूरी गौ माता का घी और दूध है जो किसी भी अन्य स्रोत से प्राप्त होना सम्भव नहीं है . इसी के चलते तमाम गौ सेवको ने समय समय पर गौ माता की रक्षा करते हुए अपने प्राण दिए हैं और प्रकृति का संतुलन बनाये रखा .

ध्यान देने योग्य है कि एक गौ प्रेमी गाँव ने मध्य प्रदेश के श्योपुर जिला के रहने वाले एक व्यक्ति को उसके पूरे परिवार के साथ गाँव से सामाजिक रूप से निकाल दिया है और उसके घर पानी भी पीने वाले का हुक्का पानी बंद करने का निर्देश जारी कर दिया है . ये गाँव मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 402 किलो मीटर उत्तर में स्थित है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि किसान और उसके परिवार को इसलिए बेदखल किया गया है क्योंकि उनसे एक गाय की मौत हो गई थी। सनाजिक बहिष्कार में गाँव के स्त्री पुरुष , बालक वृद्ध सभी सहमत दिखे और उन्होंने गौ हत्या करने वाले परिवार से सभी रिश्ते तोड़ने की शपथ ली .

इस गांव के की पंचायत का नेतृत्व उसी गाँव के सरपंच पंचम सिंह चौहान ने किया जिनके नेतृत्व में पंचायत के तमाम अन्य सदस्यों ने विधिवत घोषणा की है कि परिवार को गांव के अंदर आने की इजाजत तभी दी जाएगी जब सभी सदस्य मृत गौ माता का ठीक उसी प्रकार से विधि विधान से अंतिम संस्कार और सामूहिक भोज का आयोजन कर के धार्मिक रूप से अपने पापो का प्रयाश्चित कर लेंगे जिसमे गंगा स्नान भी शामिल है . जिस व्यक्ति पर गौ हत्या का आरोप लगा है उसके अनुसार वह अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पार्क कर रहे थे। तभी गलती से उन्होंने जमीन पर बैठी एक गाय को टक्कर मार दी। गाय की मौके पर मौत हो गई। गांव वालों ने गाय की मौत को गौ हत्या बताते हुए पंचायत बुलाई और उन्हें सामाजिक बहिष्कार की सजा सुना दी गई।

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