शपथ ग्रहण में पीएम मोदी ने बुलाया उन बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिजनों को, जिन्होंने टीएमसी के गुंडों से लड़ते हुए दिया था बलिदान

नरेंद्र दामोदर दास मोदी 30 मई को राष्ट्रपति भवन में हिंदुस्तान के प्रधानमन्त्री के तौर पर दूसरी बार पीएम पद की शपथ लेंगे. पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में बिम्सटेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा जा गया है. इसके अलावा सभी राजनैतिक दलों के अध्यक्षों, राजनैतिक हस्तियों, देश की अहम शख्सियतों को बुलाया गया है. प्रोटोकॉल के मुताबिक सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सभी उपमुख्यमंत्री, सांसद भी बुलाए गए हैं. वहीं बड़े बड़े उद्योगपति, फिल्म स्टार, खिलाड़ियों को पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होने का निमंत्रण मिला है.

इस सबके बीच पीएम मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी दूसरी पारी के शपथ ग्रहण में पश्चिम बंगाल से उन बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया है, जिन्होंने पिछले 6 सालों में बंगाल में टीएमसी तथा लेफ्ट के गुंडों से लड़ते हुए अपना बलिदान दिया था. बीजेपी ने ऐसे 54 कार्यकर्ताओं के परिवार के लोगों को शपथ ग्रहण के कार्यक्रम में विशेष रूप से बुलाया है. जिन कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है दिल्ली में उनके परिवार के लोगों के रहने-ठहरने की सारी व्यवस्था भी पार्टी ने की है.

निमंत्रण सूची पर नजर डालने पर पता चलता है कि 16 जून 2013 से 26 मई 2019 तक जितने कार्यकर्ता राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए हैं उनके परिवार वालों को न्योता दिया गया है. बीजेपी के रिकॉर्ड के मुताबिक 16-06-2013 को नृपेन मंडल नाम के कार्यकर्ता की हत्या हुई थी. बीजेपी के मुताबिक टीएमसी के गुंडों ने इनकी हत्या की थी. बीजेपी के रिकॉर्ड के मुताबिक 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भी 2 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई. इनके नाम चंदन साव और शांतू घोष है. बीजेपी ने इनके परिवारवालों को भी शपथग्रहण में बुलाया है. ये सभी कल गुरूवार को ट्रेन से दिल्ली पहुँच जायेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में कथित तौर पर राजनैतिक हिंसा में मारे गए 54 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवार को शपथ ग्रहण में बुलाया है. बीजेपी के इन कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर हत्या 16 जून 2013 से 26 मई 2019 तक राजनीतिक हिंसा में हुई है. प्रधानमंत्री खुद बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या का जिक्र अपने भाषणों में करते रहे हैं. चुनाव में जीत के बाद सोमवार को ही जब प्रधानमंत्री मोदी पहली बार वाराणसी पहुंचे तो उन्होंने हिंसा का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “देश में राजनीतिक छुआछूत बढ़ी है. हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं की हत्याएं हुई हैं. पश्चिम बंगाल में हत्याओं का दौर अभी भी जारी है.”

पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में भी चुनावी हिंसा के दौरान एक बीजेपी कार्यकर्ता मनु हंसदा की हत्‍या कर दी गई थी, जिनके बेटे अब पीएम मोदी के शपथ-ग्रहण समारोह में शिरकत करने जा रहे हैं. उन्‍होंने अपने पिता की हत्‍या का आरोप राज्‍य में सत्‍तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के ‘गुंडों’ पर लगाया. उन्‍होंने कहा कि मेरे पिता की हत्‍या तृणमूल के गुंडों ने कर दी. हम खुश हैं कि हम दिल्‍ली जा रहे हैं. हमारे इलाके में अब शांति है तथा बंगाल में भी अगली बार बीजेपी की सरकार बनेगी.

दरअसल, बीजेपी बंगाल फतह की तैयारी में है और इस ओर कई कदम बढ़ा चुकी है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में कुल 42 सीटों में 18 सीटों पर जीत दर्ज की है. पहली बार है जब बीजेपी दहाई के आंकड़ों में पहुंची है. 2014 के चुनाव में बीजेपी ने मात्र दो सीटों पर जीत दर्ज की थी. इस बार चुनाव में टीएमसी को 22, बीजेपी को 18 और कांग्रेस को दो सीटें मिली है. वहीं वोट प्रतिशत की बात करें तो टीएमसी को 43.3 प्रतिशत और बीजेपी को 40.3 प्रतिशत वोट मिले हैं. अब बीजेपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है.

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