इस्लामिक आतंकी कत्ल करने ही वाले थे ईसाई मज़हबी गुरु टॉम उजुनालिल का तभी अचानक देवता बन गई सुषमा स्वराज

इराक और सीरिया सहित दुनिया के कई हिस्सों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अपने आतंक फैलाने की। पूरी दुनिया में आतंक और दहशत का पर्याय बन चुके चरमपंथी समूह आईएसआईएस की क्रूरता और जुल्म उसकी ओर से अक्सर जारी किए जाने वाले वीडियो के जरिए सामने आते रहते हैं।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां इसलामिक आतंकी कत्ल करने ही वाले थे ईसाई मजहबी गुरु का, जिसे आईएस ने 18 महीने पहले बंधक बना लिया था।

दरअसल, आईएस के आतंकवादी मार्च 2016 में अदन में मिशनरीज ऑफ चैरिटी के एक वृद्धाश्रम में एक व्यक्ति के रिश्तेदार बनकर घुस गए थे।

अंदर जाकर आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें चार भारतीय नन सहित कुल 16 लोग मारे गए थे। ईसाई मजहबी गुरु उस समय वहां पादरी के तौर पर नियुक्त थे। आतंकवादियों ने उन्हें बंधक बना लिया और तब से ही यमन में आईएस के चंगुल में फंसे हुए थे।

इस बीच मजहबी गुरु टॉम उजुनालिल किसी तरह मई 2017 में एक वीडियो मैसेज भेजने में सफल रहे।

इस वीडियो संदेश में मजहबी गुरु ने अपनी रिहाई की अपील की थी। इसके साथ ही मजहबी गुरु टॉम ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोप फ्रांसिस से खुद को छुड़ाने की अपील की थी। वहीं, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कह चुकी थीं कि हम फादर टॉम की रिहाई को लिए कोई कोशिश बाकी नहीं छोड़ेंगे।

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