मजहब की बेड़ियों को नकारा, पति की लंबी उम्र के लिए रखा करवाचौथ का व्रत

यह ऐसा रिश्ता है जिसके बारे में दो बातें बहुत ही महत्वपूर्ण कही जाती हैं, एक सात जन्म का बंधन और दूसरा जोडि़यां खुद भगवान बनाता है। पति-पत्नी के प्यार का प्रतीक है करवाचौथ। करवाचौथ पर तमाम महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखेंती है। इसे भारतीय सुहागिन स्त्रियां एक पर्व के रूप में मनाती हैं व पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखकर व चंद्रमा की पूजा-अर्चना करती हैं, तथा भगवान चंद्रमा से अपने पति की लम्‍बी आयु का वरदान मांगती हैं।

मौजूदा दौर में करवा चौथ सिर्फ हिंदू परिवारों तक सीमित नहीं रह गया है। पति की लंबी उम्र के लिए कुछ महिलाओं ने धर्म का बंधन तोड़ा दिया, यकीन मानिए आप इसे पढ़कर आप भी सलाम करेंगे। दरअसल, ट्रांसपोर्ट नगर निवासी गुलफिशा राठौर और रविंदर राठौर कि इस साल शादी हुई है। गुलफिशा ने पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा। गुलफिशा का कहना है कि अपनी हिंदू सहेलियों व पड़ोस की महिलाओं को करवा चौथ के व्रत की तैयारी करते देखा।

वहीं, इस पर्व के महत्ता के बारे में भी पता चला।

इसके बाद करवा चौथ का व्रत रखा। गुलफिशा का कहना है कि पति की लंबी आयु के लिए धर्म-जाति का कोई मतलब नहीं है। वहीं, जीएमएस रोड निवासी तुलसी पांच साल से अपने पति आजाद अहमद के लिए करवा चौथ का व्रत रख रखती हैं। इसके अलावा तुलसी ईद, रोजा समेत अन्य त्योहार भी मनाती हैं। इस मामले में तुलसी कहती हैं कि अगर करवा चौथ का व्रत करने से शौहर की उम्र लंबी होती है, तो इससे बड़ी बात एक सुहागिन के लिए और कुछ नहीं हो सकती है।

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