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कोल ब्लॉक मामले में पूर्व कोयला सचिव दोषी करार, 22 मई को सजा का ऐलान

नई दिल्ली : मनमोहन सिंह की अगुआई वाली यूपीए सरकार के दौरान हुए कोयला घोटाले मामले में पूर्व कोल सेक्रेटरी एचसी गुप्ता को विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। इसके साथ ही अदालत ने कोयला मंत्रालय के तत्कालीन संयुक्त सचिव के एस क्रोफा, तत्कालीन निदेशक के सी समारिया, केएसएसपीएल और उसके एमडी पीके आहलूवालिया को भी दोषी करार दिया है। अब 22 मई को दोषी की सजा का ऐलान किया जाएगा।
अदालत ने उन्हें मध्यप्रदेश के रुद्रपुर में केएसएसपीएल कोल ब्लॉक आवंटन में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार करने का भी दोषी पाया है। साथ ही अदालत ने मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट अमित गोयल को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। सीबीआई का आरोप था कि कोयला ब्लॉक के लिए केएसएसपीएल की ओर से भरी गई अर्जी अधूरी थी और उसे कोयला मंत्रालय को खारिज कर देना चाहिए था क्योंकि वह जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं थी। 
सीबीआई ने कहा कि राज्य सरकार ने भी कंपनी को कोई कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश नहीं की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपियों ने आरोपों को गलत बताया। बता दें कि यह मामला उस वक्त सामने आया था जब नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने मार्च 2012 में अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने 2004 से 2009 तक की अवधइ में कोयला ब्लॉक का आवंटन गलत तरीके से किया है। कैग की रिपोर्ट के अनुसार, इससे सरकारी खजाने को 1 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ था और कंपनियों को मुनाफा हुआ था। 
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