चुनाव के बहिष्कार का क्या मतलब निकाला जाए, जब ये करने वाला खुद एक पूर्व मंत्री हो.. कश्मीरी अलगाववादियों की भाषा UP में भी


देश में जब-2 अलगाववाद तथा चुनावी बहिष्कार की ख़बरें आई हैं तो वह कश्मीर से आई हैं. पिछले वर्ष ही जब कश्मीर में निकाय चुनाव हुए तो अलगाववादियों के साथ वहां की पार्टियाँ NC तथा PDP ने चुनावों के बहिष्कार का एलान कर दिया. लेकिन अब ऐसे ही अलगाववाद/चुनावी बहिष्कार की खबर उत्तर प्रदेश से आई है तथा इसका एलान करने वाला कोई साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि पूर्व मंत्री है. जी हाँ, उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री तथा समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान रामपुर लोकसभा सीट पर चुनावों के बहिष्कार का एलान कर दिया है.

बता दें कि आज़म खान पर योगी सरकार की टेढ़ी नजर है तथा योगी सत्ता उनके काले कारनामों के खिलाफ एक के बाद एक कड़ी कार्यवाई करती जा रही है, जिसके कारण आज़म खान तिलमिलाये हुए हैं. योगी सरकार की कार्यवाई से भड़के आज़म खान ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार तक का ऐलान कर दिया है. उन्होंने पार्टी हाईकमान से अनुरोध किया है कि वह रामपुर में सपा का प्रत्याशी न उतारे. आज़म ने अपने खास लोगों की बैठक बुलाई, जिसमें लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया. आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू ने बैठक की जानकारी दी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रस्ताव भेज रहे हैं कि रामपुर से सपा का कोई प्रत्याशी न उतारा जाए.

गौरतलब है कि आजम खां के खिलाफ लंबे समय से जांचें चल रही हैं, मुकदमों की कार्रवाई होती रही. लेकिन, मार्च माह की शुरुआत होते ही घेराबंदी और तेज हो गई. विगत 6 मार्च को प्रशासन ने स्वार मार्ग पर बना उर्दू गेट ध्वस्त कर दिया. इसके बाद उसी दिन दोपहर बाद जौहर विश्वविद्यालय में बने सरकारी गेस्ट हाउस पर बिजलीघर की दीवार तोड़कर प्रशासन ने कब्जा ले लिया. एक शिकायत की जांच के बाद जिस मदरसा आलिया में आजम खां का रामपुर पब्लिक स्कूल किड्स चलता है, वहां फोर्स लगवाकर 22 भवनों से अवैध कब्जा हटवा दिया और यूनानी अस्पताल शिफ्ट करा दिया.

इस कार्यवाई से आजम खा तिलमिला उठे तथा कार्रवाई को अवैध बताया तो प्रशासन ने कहा नियमानुसार कार्रवाई की गई है. गुरुवार की रात को जौहर विश्वविद्यालय की जांच के सिलसिले में एक बार फिर एसआईटी रामपुर आ पहुंची. सपा सरकार में दादागीरी करने वाले आज़म खा से योगी की सत्ता सारा हिसाब ले रही है, जिससे आज़म के होश उड़े हुए हैं. यही कारण है कि आज़म खान नसे अखिलेश यादव से कहा है कि वह रामपुर में कोई प्रत्याशी नहीं उतारें.


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