आतंकियों के खात्मे के लिए जवानों से संभाला मोर्चा, आसमान के जरिए रखी जा रही है नजर

श्रीनगर : भारतीय सेना ने आंतकियों का खात्मा करने के लिए कमर कस ली है। सेना ने आतंकियों के खिलाफ घाटी में अभूतपूर्व अभियान छेड़ दिया है। कश्मीर के शोपियां जिले में 4 हजार से भी ज्यादा जवान मैदान में उतर गए है। इसके अलावा, आसमान से हेलिकॉप्टर और ड्रोन के जरिए जिले में नजर रखी जा ही है, जो सुरक्षाबल मैदान में है, उनमें आर्म, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल है। 
सूत्रों के मुताबिक, घाटी में बीते एक दशक के अंदर छेड़ा गया अब तक का सबसे बड़ा अभियान है। भारतीय सेना ने गुरुवार को करीब 20 गांवों को खाली कराया गया और इसके दौरान तलाशी अभियान शुरु किया गया। इसके दौरान वहां के लोगों ने पहले की तरह ही सुरक्षाबलों पर पत्थर बरसाए। सैनिकों के लिए काम कर रहे टैक्सी ड्राइवर की मौत हो गई है। तो वहीं, आतकियों ने इमाम साहिब के नजदीक 62 राष्ट्रीय राइफल्स की एक गश्ती टुकड़ी पर हमला किया। 
बताया जा रहा है कि कश्मीर के इलाके और बागों में घुमते हुए आतंकियों को देखा गया है जिसकी वजह से आतंकियों को सफाया करने के लिए ऑपरेशन छे़ड़ दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संदिग्ध हिजबुल आतंकी उमर माजिद पर दस लाख का इनाम देने का ऐलान किया है और उनका मानना है कि कैश वैन पर हुए हमले में दो बैंक कर्मचारी और पांच पुलिसवालों की मौत के पीछे आतंकी उमर का ही हाथ है।
बता दें कि 90 दशक में सैनिकों ने ऑपरेशन के तहत घर-घर जाकर तलाशी ली। सुरक्षाबलों ने ‘रिवर्स स्वीप’ ऑपरेशन चलाया ताकि आतंकी दोबारा से वापस न आ जाएं। लेकिन सैनिकों ने कुलगाम जिले के खुदवानी ने लश्कर आतंकियों की मौजूदगी की खबर पाकर जाल बिछाय और स्थानीय लोगों की मदद से आतंकी भागने में कामयाब हो गए।         
 
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