सुदर्शन के आह्वान का जमीनी असर.. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जी ने पद्मावती के खिलाफ भरी हुंकार

हिन्दू के आस्था के साथ कोई भी खिलवाड़ कर सकता है, क्योंकी हिन्दू सहनशील हैं। हिन्दूओं के इतिहास के साथ जिसका मन करता है तोड़ मरोड़ कर पेश करता है, कभी दूसरे मजहब पर फिल्म बना कर देखे फिल्मकार उनका हश्र क्या होता है। आपको बता दे कि रिलीज़ डेट पास आने के साथ साथ हिन्दुओ में फिल्म ‘पद्मावती’ के खिलाफ रोष और बढ़ रहा है।

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर शुरू हुआ विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, बल्कि उनकी मुसीबतें और बढ़ती ही जा रही हैं। अब यूनियन मिनिस्टर गिरिराज सिंह ने इस फिल्म पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। गिरिराज ने कहा कि ‘क्या संजय लीला भंसाली या किसी और में भी इतनी हिम्मत है कि वे दूसरे धर्मों पर फिल्म बनाएं या उनपर कोई टिप्पणी करें।
उन्होंने कहा कि ये लोग सिर्फ हिंदू गुरु, भगवान और योद्धाओं पर फ़िल्में बनाते हैं। जिसे हम और बर्दाश्त नहीं करेंगे। बताते चले की करणी सेना ने पुरे देश में इस फिल्म के खिलाफ आंदोलन कर रहा है और पद्मावती फिल्म की शूटिंग के समय करणी सेना से इस फिल्म पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। उन्होंने फिल्म के सेट पर पहुंच भंसाली के साथ मार-पीट भी की थी।
उमा भारती ने भी खुला खत ट्विटर पर लिख कर रोष दर्ज कराया। उमा भारती ने एक खुला ख़त लिखकर कहा था कि ये कलाकार अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर इतिहास के साथ खेल रहे हैं। उन्होंने लेटर में लिखा, ‘जब आप किसी ऐतिहासिक तथ्य पर फिल्म बनाते हैं तो आप उसके फैक्ट को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं कर सकते।’
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