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जिस “गया” में हैं हिन्दुओं और बौद्धों के तीर्थ, उसी को रंगने की तैयारी थी रक्त से.. निशाने पर हर वो, जिसके तन पर है भगवा

गया.. बिहार की वो पावन जगह जो हिन्दुओं तथा बौद्धों का पवित्र तीर्थस्थल है.. उस गया के बारे में डरावनी खबर सामने आई है. खबर ये है कि जिस गया में बौद्धों तथा हिन्दुओं के तीर्थ हैं, जिस गया की भूमि को पुण्यभूमि कहा जाता है, उस गया को रक्त से लाल करने की तैयारी कर ली गई थी. उद्देश्य था कि अगर गया में ब्लास्ट किया गया तो बौद्ध हों या हिन्दू दोनों की जानें जायेंगी.. संकेत साफ़ है कि चरमपंथियों के निशाने पर हर वो व्यक्ति है जिसके तन पर भगवा है.

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खबर ले मुताबिक़, गया के मुफस्सिल क्षेत्र से संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ और टाइमर बम बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं. किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की थी योजना को लेकर विस्फोटक जमा किए गए थे. इसी इलाके से बीते सप्ताह एजाज खान नामक आतंकी को गिरफ्तार किया गया था. मुफस्सिल थाना क्षेत्र से संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ बरामद होने के मामले की जांच के लिए कोलकाता एसटीएफ और बिहार एटीएस की टीम शुक्रवार को गया पहुंची. दोनों टीमें विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है.

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ज्ञात हो कि हाल ही में कोलकाता एसटीएफ और बिहार एटीएस ने बांग्लादेशी इस्लामिक आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन के आतंकी एजाज को पकड़ा गया था. उसकी निशानदेही के आधार पर मुफस्सिल थाना के इलाके में गुरुवार को छापेमारी के दौरान विस्फोटक, टाइमर बम बनाने के उपकरण समेत कई सामग्री बरामद की गई थी.  आतंकियों के ठिकाने से सामग्री बरामद होने का मामला सामने आने के बाद दोनों संदिग्ध फरार हो गए हैं. उनकी पहचान मोती अहमद और आरिफ रजा के रूप में की गई है. दोनों पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जाते हैं और कपड़ों की फेरी करके अपने आतंकी गतिविधि को चला रहे थे.

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फिलहाल बिहार एटीएस और कोलकाता एसटीएफ की कार्रवाई चल रही है. वजीरगंज डीएसपी घूरन मंडल ने बताया कि इस तरह का मामला सामने आने के बाद करवाई जा रही है. वहीं टाइमर बम बनाने के सामान और संदिग्ध विस्फोटक भी मिले हैं. पुलिस की छापेमारी अभी भी चल रही है. बरामद विस्फोटक किसी बड़ी आतंकी घटना करने के लिए रखे गए बताए जाते हैं.  इस मामले को लेकर पुलिस की छानबीन चल रही है. पुलिस संबंधित मामले को लेकर गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी में जुटी है.

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