अपने बकरे को गद्दे पर सुलाता है और अपना खाना खिलाता है पप्पू भाई.. पता है किसलिए??

जानवरों पर प्यार तो सबको आता है लेकिन ये कैसा प्यार है जिसमे उसकी जान ही ले ली जाती ? किसी के साथ रहने से उससे लगाव हो ही जाता है चाहे वो

इंसान हो या जानवर। बेजुबान जानवर से लगाव होने के बाद भी मुस्लिम समुदाय में उसकी कोई कीमत ही नहीं होती है। कोई कैसे उस जानवर को काट सकता है

जिसे वो बचपन से पालता हो ?

बता दे कि मध्यप्रदेश में एक बकरा जिसका नाम भूरा है उसका मालिक उसे अपने बेटे की तरह मानता है।

भूरा के मालिक नाम पप्पू भाई रायसेन निवासी है जो

अपने बेटे की तरह उसका लालन पालन करता है। इतना ही नहीं उसके रहने खाने के ढंग को सुनकर आप हैरान रह जाएंगे ?लेकिन ये प्यार और चिंता बस बकरी

ईद तक ही उस बकरे पर रहेगी उसके बाद उसे काट दिया जाएगा।

यह बकरा उन्होंने छह माह की उम्र में 15 हजार रुपए का खरीदा था। पप्पू भाई ने अपने बकरे भूरा के लिए अलग एक कमरा छोड़ रखा है जिसमे उसके लिए

एक लग्जीह पलंग है जिसपर डनलप के गद्दे डले है उसी पर भूरा सोता है।

अपने बकरे को गद्दे पर सुलाता है और अपना खाना खिलाता है पप्पू भाई.. पता है किसलिए??इतना ही नहीं कमरे में भूरा के लिए कूलर और पंखे भी लगवाए गए हैं। बकरे के

चोरी होने के डर से पप्पू भाई ने घर के मुख्य दरवाजे के सामने सीसीटीवी कैमरा लगवा रखा है।

सही कहा है की बकरे की मां कब तक खेर मनाएगी कभी न कभी तो भिंडी बाजार में आएगी। ईद पर इसकी कुर्बानी देने के लिए ही दो साल तक भूरा की

बच्चों की तरह देख-भाल की है। सिर्फ अपने मतलब के लिए बकरे की इतनी सुरक्षा की पप्पू भाई ने। 

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