भारत की मुद्रा नहीं चलती थी गुरमीत के दरबार में, बना रखा था अपना खुद का वित्त मंत्रालय… ऐसा खुलासा जो किसी ने सोचा भी न हो

जैसे जैसे वक्त बीत रहा है। एक से बढ़ कर एक खुलासे सामने आ रहे है। गुरमीत राम रहीम को सीबीआई की कोर्ट ने रेप केस में गुनहगार बताया है। जिस तरह से गुरमीत की नीचता है उससे रूह काँप जाती है। सच्चा डेरा के अंदर गुरमीत अपनी सरकार से इतर एक साम्राज्य चलाता था।

गुरमीत के सम्बंध आतंकियों से भी थे।

अभी हाल का जो खुलासा हुआ है ,वो चौकाने वाला है रामरहीम अपने साम्राज्य में अलग करेंसी चलाता था। उसके आसपास के क्षेत्रों में गुरमीत राम रहीम के अपने रुपए-पैसे चलते हैं। बाबा के फालोअर्स ही डेरे में दुकान चलाते है और वे अपनी करंसी में लेनदेन करते हैं। फालोअर्स ने ग्राहकों को खुल्‍ले पैसे देने के लिए अगल मॉनिटरी सिस्‍टम बना रखा है जिसके तहत वो पैसो का लेन देन करते है। जो दूकान वहाँ पर है उसके ऊपर ‘सच’ लिखा होता है। भारतीय करंसी में यदि कस्‍टमर उन्‍हें खुल्‍ले पैसे देने में असमर्थ होता था तो उन्‍हें 10 रुपए और 5 रुपए प्‍लास्टिक के सिक्‍के और टोकन दिए जाते है।
राम रहीम का खौफ इतना की लोग इस अलग करेन्सी को इस्तेमाल भी करते थे।

आपको बता दे की जो डेरा के सिक्के होते थे उसपर ‘धनधन सतगुरु तेराही आसरा, डेरा सच्‍चा सौदा सिरसा’ लिखा होता था। इनका इस्‍तेमाल कस्‍टमर किसी भी ‘सच’ दुकान पर खरीदारी के लिए कर सकता था।डेरा सच्‍चा सौदा परिसर या आसपास की ‘सच’ दुकानों से यदि कोई कस्‍टमर 100 का भुगतान करता और 70 रुपए का सामान खरीदता, तो खुल्‍ले पैसे न होने पर दुकानदार।
गुरमीत राम रहीम अंदर ही अंदर अपने कानून और व्यवस्थाये वाला कानून चलाता था। जिस तरह से खुलासे हो रहे है उस से तो यही लग रहा की अगर अभी राम रहीम पकड़ा नहीं गया होता तो जल्द ही ये अलग देश की मांग के साथ दंगो में उतर जाता।

Share This Post

Leave a Reply