क्या आप जानते हैं कि सरकारी इमारतों आदि में लगने वाला तिरंगा जब पुराना हो जाता है तो उसका क्या होता है?? यदि नहीं तो पढ़िए


भारत में तिरंगे के स्थान और उसकी अहमियत से आप अभी लोग अच्छी तरह से वाकीफ है। तिरंगे की आन बान शान के लिए न जाने अब तक कितने जवान शहीद हुए है उनका अंदाजा भी हम लोग नहीं लगा सकते है। हर एक आज़ाद देश का अपना एक ध्वज है और एक आज़ाद देश की यही सबसे बड़ी पहचान होती है। राष्ट्रीय ध्वज के बारे में आप बहुत कुछ जानते होंगे लेकिन कभी इस बात पर गौर किया है कि 15 अगस्त और 26 जनवरी पर जो तिरंगे फहराए जाते है उनका बाद में क्या होता है? क्योंकि पुराना, मैला और फटा हुए झंडा फहराना तो अपराध है तो फिर कहां जाते है ये झंडे? आपके सभी सवालों का जवाब हम  आपको विस्तार में बताते है।  

भारत के राष्ट्रीय ध्वज को तिरंगा कहते है जिसमे तीन पट्टियाँ है, सबसे उपरी भाग पर केसरी, मध्य भाग पर सफ़ेद और निचले भाग पर हरे रंग की पट्टियाँ और ध्वज की बीच की सफ़ेद पट्टी के बीच में एक नीला चक्र है, जिसे अशोक चक्र के नाम से भी जाना जाता है, इस अशोक चक्र में 24 तीलियाँ है। बता दें कि भारतीय ध्वज में केसरिया रंग देश की हिम्मत और निस्वार्थता को दर्शाता है, सफ़ेद रंग देश की ईमानदारी, शुद्धता और शांति का प्रतिक है और हरा रंग जो देश की विश्वास, फलदायकता और समृद्धि को दर्शाता है। सफ़ेद पट्टी के बीच में अशोक चक्र है यह चक्र जीवन साइकिल (चक्र) और मृत्यु की गतिहीनता को दर्शाता है। 
बता दें कि ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया’ नाम का एक कानून है, जिसमें तिरंगा को फहराने के नियम निर्धारित किए गए है और इस कानून के अंतगर्त अगर कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसको जेल भी हो सकती है। इस कानून के तहत फटा या गन्दा तिरंगा झंडा फहराना अपराध है अगर कोई ऐसा करता है तो उसे 3 साल की सजा हो सकती है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा करना अपराध है तो फिर क्या होता है पुराने झंडो के साथ? आपको बता दें कि फ्लेग कोड ऑफ़ इंडिया’ में इसके लिए भी नियम बनाए गए जिसके अनुसार फटे या पुराने झंडे को एकांत में जला देना चाहिए या किसी दूसरे तरीके से नष्ट कर दे या फिर तिरंगे झंडे को पवित्र नदी में जल समाधि भी दी जा सकती है ऐसा इसलिए किया जाता हैं जिससे तिरंगे की गरिमा बनी रहे।  
जब आप कभी देखते हैं कि जो सैनिक शहीद हो जाता है उसका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ आता हैं तो एक सवाल तो आपके जहन में भी आता होगा कि इस तिरंगे का क्या होता होगा? तो आपके इस सवाल का भी जवाब हम दे दें कि शहीदों के पार्थिव शरीर से उतारे गए झंडे को भी गोपनीय तरीके से सम्मान के साथ जला दिया जाता है या नदी में जल समाधि दे दी जाती है। ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया’ में झंडा फहराने से लेकर उसे कैसे नष्ट किया जाए सबके नियम इसमें है जिनका हर किसी को पालन करना चाहिए।  

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