अंतहीन प्रताड़ना सहने के बाद बरी हुए स्वामी असीमानंद तो झूम उठा देशभर का हिन्दू समुदाय, बोला- “यतो धर्मस्ततो जय: “

आज जब पूरा देश रंगों के पावन पर्व होली को मना रहा है, एक दूसरे के साथ खुशियाँ बाँट रहा है तभी समझौता ब्लास्ट मामले में NIA की पंचकूला अदालत के फैसले ने होली की खुशियाँ दोगुनी कर दी हैं. आपको बता दें कि NIA कोर्ट ने समझौता ब्लास्ट मामले में एक साजिश के तहत हिन्दू धर्म को बदनाम करने के लिए फंसाए गये स्वामी असीमानंद सहित सभी चारौ हिन्दुओं को बाइज्जत बरी कर दिया है.

स्वामी असीमानंद तथा 3 अन्य हिन्दुओं के बरी होने के बाद देशभर में जश्न मनाया जा रहा है. हिन्दू संगठनों से लेकर आम हिन्दू जनता तक अदालत के इस फैसले के बाद खुशी से झूम उठी है. देशभर में होली के साथ दीवाली मनाई जा रही है, अर्थात रंगों के साथ पटाखे फोड़े जा रहे हैं तो मिठाइयाँ भी बांटी जा रही हैं. ज्ञात हो कि समझौता ब्लास्ट मामला ही वो मामला था जिसे लेकर कांग्रेस ने हिन्दू आतंकवाद शब्द का प्रयोग किया था. इसके बाद तमाम हिन्दू विरोधी ताकतें संगठित होकर सनातन हिन्दू धर्म को बदनाम करने पर आमादा थी.

लेकिन जैसा कि सनातन के पूज्य ग्रंथों में कहा गया है कि यतो धर्मस्ततो जय: अर्थात जहाँ धर्म है वहीं विजय है. इस मामले में भी यही हुआ. सनातन विरोधियों ने सनातन को बदनाम करने के तमाम नापाक प्रयास किये लेकिन अततः सत्य की विजय हुई तथा अदालत ने स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी को बरी कर दिया गया. स्वामी असीमानंद तथा उनके  साथ आरोपी बनाये गये सभी हिन्दुओं ने अंतहीन प्रताड़ना को सहन किया लेकिन धर्म को डिगने नहीं दिया. ये सभी सनातनी विधर्मी कहर को सहते हुए धर्म के साथ खड़े रहे और अंततः धर्म की विजय हुई तथा विधर्मी साजिशें बेनकाब हो गईं.

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