श्रीराम जन्मभूमि पर हमले के आरोपियों को उम्रकैद से संत नाराज.. बोले- “हाईकोर्ट में योगी सरकार मांगे इनके लिए मौत”

2005 में सनातन के आराध्य प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में हमला करने वाले इस्लामिक आतंकियों को उम्रकैद की सजा से न सिर्फ अयोध्या तथा देशवासी बल्कि संत समाज भी नाराज है. संत समाज तथा अयोध्यावासियों ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार से निवेदन किया है प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि को दहलाने वाले इस्लामिक आतंकियों को मौत की सजा दिलाने के वह हाईकोर्ट में अपील करे. उन्होंने कहा है कि अयोध्या को दहलाने वाले आतंकियों को फांसी की सजा से कम कुछ भी मंजूर नहीं है.

जिस लड़की पर ममता बनर्जी ने गिराया था सत्ता का कहर अब उस पर गई मोदी की नजर.. मिला एक शानदार तोहफा

संत समाज का कहना है कि पिछली सरकारों की लचर पैरवी ने आतंकवादियों को फांसी से बचा लिया है. अब योगी आदित्यनाथ की सरकार इस मामले में हाईकोर्ट में अपील करके न्याय दिलाए. संतों ने कहा कि इतने बड़े आतंकी हमले की सुनवाई में करीब 15 साल का वक्त लगना अपने आप में सवाल खड़े करता है, ऊपर से पांच आतंकियों में चार को उम्रकैद व एक को बरी करना लचर पैरवी की मिसाल है. बता दें कि 5 जुलाई 2005 को हुए आतंकी हमले में लश्कर के पांच फिदायीन आतंकियों ने विवादित परिसर के पास विस्फोटक लदी जीप से धमाका कर परिसर की सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग को उड़ा दिया था.

बलिदान से बदल रहा बंगाल… हिन्दू विरोध का पर्याय बन चुकीं ममता का एक विधायक और 12 पार्षद थाम लिए भगवा ध्वज..

इसके बाद आतंकी अंधाधुंध फायरिंग व ग्रेनेड फेंकते हुए विवादित परिसर के अंदर दाखिल हुए थे. आतंकियों का मकसद श्रीरामजन्मभूमि में विराजमान रामलला को क्षति पहुंचाना था. मगर, घंटे भर से अधिक समय तक सुरक्षा बलों से चली मुठभेड़ में पांचों आतंकी मारे गये. घटना की जांच कर रही पुलिस ने मारे गये आरोपियों के पास से मिले मोबाइल सिम के जरिए इनसे संपर्क में रहने वाले आशिफ इकबाल, डॉ. इरफान, मो. शकील , मो. नसीम व अजीज को गिरफ्तार किया था.

शुभकामनाएं दीजिये अमेरिका की जेसिका को जिन्होंने अपना जीवन साथी चुना है भारत के जसवीर को और बस गई हैं भारत में

इन पर पुलिस ने धारा 147,148,148, 295, 307, 302, 353, 153, 153ए, 153बी, 120बी, 7 सीएलए एक्ट जैसी धाराएं लगाईं थीं. फैजाबाद कचहरी में वकीलों के विरोध के कारण हाईकोर्ट के आदेश पर 2006 में आरोपियों को नैनी जेल में शिफ्ट करते हुए सुनवाई के लिए विशेष कोर्ट बनाई गई. मंगलवार को विशेष जज दिनेश चंद्र ने चार आरोपियों आशिफ इकबाल, डॉ. इरफान, मो. शकील, मो. नसीम को उम्रकैद की सजा सुनाई. साथ ही 20-20 हजार का जुर्माना लगाया, जबकि साक्ष्य के अभाव में मोहम्मद अजीज को बरी कर दिया गया.

टप्पल की महिलाओं का जीना हराम कर रखा था असलम ने.. सबकी खामोशी टूटी ट्विंकल के बलिदान के बाद

फैसले के बाद श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि रामजन्मभूमि पर हमला करने वालों को तो रामलला ने सजा सुना ही दी थी, जो अन्य गुनहगार थे उन्हें सजा मिलने में इतना लंबा समय लग गया है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की लचर पैरवी का ही परिणाम है कि आतंकी मौत की सजा से बच गये. धर्मनगरी को दहलाने का प्रयास करने वालों को तो मौत की सजा ही मिलनी चाहिए. रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि जो रामलला के साथ विश्वासघात करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. इनके विश्वासघात के चलते कई परिवारों की गृहस्थी उजड़ गई थी.

UP के अपराधियों पर फिर नाची मौत… ढेर हुआ तौकीर तो खुद पुलिस के पास पहुंचा अतीक और बोला पकड़ लो मुझे

संत समिति अयोध्या के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास रामायणी ने कहा कि जो फैसला आया है वह संतोषजनक नहीं है. साक्ष्य के अभाव में जिसे बरी किया गया है उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाना चाहिए. हमारी मांग है कि सरकार खुद इस मामले में हाईकोर्ट में पैरवी करे. जिन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली है वे जेल में बैठकर पुन: साजिश रचेंगे, इन्हें सरकार कब तक रोटी खिलाती रहेगी. महंत परमहंस दास ने कहा कि कोर्ट के फैसले का हम सम्मान करते हैं.  हालांकि रामलला पर हमला करने वालों को फांसी से कम की सजा नहीं होना चाहिए थी.

20 जून: बलिदान दिवस मोहम्मद बिन कासिम से लड़े हिन्दू नरेश दाहिरसेन.. पहले खुद बलिदान हुए , फिर पत्नी लड़ कर अमर हुई और बाद में बहन भी. अंत मे दो बेटियों की लाशों को घसीटा गया पूरे बगदाद में

वहीं फैसले पर विश्व हिन्दू परिषद् के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि अदालत ने जो भी निर्णय दिया है, हम उसका सम्मान करते हैं लेकिन श्री रामलला पर हमले के दोषियों के लिए यह सजा नाकाफी है. उन्होंने कहा कि अब तो योगी सरकार को हाईकोर्ट में अपील कर इन आतंकियों को फांसी की सजा दिलानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो आतंकी मौत बांटने आए हों, उन्हें मौत ही मिलनी चाहिए, आतंकियों को एक कड़ा संदेश देने की जरूरत है.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं

Share This Post