कश्मीर की मस्जिदों को रडार पर लेने वाली पहली सरकार बनी मोदी सरकार.. पुलिस ने मस्जिद के मौलवियों से माँगी सूचना

जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती के बाद कश्मीर के नेताओं तथा अलगाववादी आतंकियों के अंदर पनपे भय के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है. खबर के मुताबिक़, केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर में सभी मस्जिदों का स्थानीय पुलिस से विवरण देने के लिए कहा है. गृह मंत्रालय की ओऱ से जारी पत्र में जिसमें श्रीनगर के सभी पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों से स्थानीय मस्जिदों की जानकारी मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं. ये पहली बार है जब किसी सरकार ने कश्मीर की मस्जिदों को रडार पर लिया है.

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श्रीनगर के जिला पुलिस मुख्‍यालय की तरफ से जारी इस पत्र में सभी पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि वे अपने इलाके की मस्जिदों, इनके प्रबंधन और वहां तैनात मौलवी की सारी जानकारी मुहैया कराएं. पुलिस मुख्यालय के एसएसपी की तरफ से जारी यह पत्र एसपी सिटी साउथ जोन श्रीनगर, एसपी सिटी हजरतबल जोन श्रीनगर, एसपी सिटी नॉर्थ जोन श्रीनगर, एसपी सिटी ईस्‍ट जोन श्रीनगर और एसपी सिटी वेस्‍ट जोन श्रीनगर को भेजा गया है, ताकि इसको उच्‍च स्‍तर के अमले के पास भेजा जा सके.

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बता दें कि राज्य में आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए मोदी सरकार ने यहां अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती का फैसला लिया है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के तजम्मू कश्मीर दौरे से लौटते ही वहां 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजने का फैसला लिया गया. गृह मंत्रालय से जारी आदेश में कहा गया था कि अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती से कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने का मिशन मजबूत होगा और राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी.

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