भारत रत्न पूर्व प्रधानमन्त्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर के साथ जारी किया गया 100 रूपये का स्मारक सिक्का.. जानिये क्या है इस सिक्के की खासियत?

15 दिसंबर को पोर्र्व प्रधानमन्त्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मजयन्ती से एक दिन पहले प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी ने उनके सम्मान में 100 रूपये का स्मारक सिका जारी किया है. 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी को 95वां जन्मदिवस है, ऐसे में केंद्र सरकार इस दिन को सुशासन दिवस के रूप में मना रही है.  अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था. ऐसे में सरकार उनकी 95वीं जन्मतिथि को खास बनाया है. इस सिक्के पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर है.

अटल जी की तस्वीर वाला सिक्का जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारा मन आज भी नहीं मानता है कि अटलजी हमारे बीच में नहीं हैं, राजनीतिक मंच से करीब एक दशक दूर रहने के बावजूद भी देश ने इतने शानदार तरीके से उन्हें विदाई दी वह काफी खास है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सिद्धांतों और कार्यकर्ता के बल पर अटलजी ने इतना बड़ा राजनीतिक संगठन खड़ा किया और काफी कम समय में देशभर में उसका विस्तार भी किया. उन्होंने कहा कि अटलजी के बोलने का मतलब देश का बोलना और सुनने का मतलब देश को सुनना था. उन्होंने कहा कि अटलजी ने लोभ और स्वार्थ की बजाय देश और लोकतंत्र को सर्वोपरि रखा और उसे ही चुना.

पीएम मोदी ने कहा कि अटलजी का सिक्का हमारे दिलों पर 50 साल चला और आगे भी चलेगा. उन्होंने कहा कि अटलजी ने जो चाहा है उसे हर हाल में पूरा करेंगे. उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी हमेशा लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते थे, यही कारण रहा कि जब जरूरत पड़ी तो उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का गठन किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कुछ लोगों के लिए सत्ता ऑक्सीजन की तरह है, वो सत्ता के बिना नहीं रह सकते हैं. लेकिन अटलजी के राजनीतिक कार्यकाल का अधिकतर समय विपक्ष में बीता और उन्होंने कभी भी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया.

सिक्के की खासियत

अटल जी के नाम इस स्मारक सिक्के के एक तरफ अटल जी की तस्वीर होगी तो सिक्के की दूसरी तरफ अशोक स्तंभ है. सिक्के के एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री का पूरा नाम देवनागरी और अंग्रेजी में लिखा गया है. वहीं तस्वीर के निचले हिस्से में वाजपेयी का जन्म वर्ष 1924 और देहांत का वर्ष 2018 अंकित किया गया है. इस सिक्के का वजन 35 ग्राम है. सिक्के की बांयी परिधि पर देवनागरी लिपि में भारत और दांयी तरफ अंग्रेजी में इंडिया लिखा गया है. इस स्मारक सिक्के को 100 रुपये के मूल्य वर्ग में रखा जाने का प्लान है और यह सिक्का प्रचलन में नहीं आएंगे. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार इस सिक्के को 3300 से 3500 रुपये की प्रीमियम दरों पर बेचे जाने की उम्मीद है.  सरकार सिक्के की बुकिंग के लिए समय तय करेगी और इसें प्रीमियम दरों पर बेचा जाएगा. इसे टकसाल से सीधे भी खरीदा जा सकेगा.

35 ग्राम वाले इस सिक्के में 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, पांच प्रतिशत निकिल और पांच प्रतिशत जस्ता होगा. 100 रुपये की कीमत वाला यह सिक्का प्रचलन में नहीं आएगा. भारत सरकार सिक्के की बुकिंग के लिए समय तय करेगी और इसे प्रीमियम दरों पर बेचा जाएगा. इसे टकसाल से सीधे भी खरीदा जा सकेगा. आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का इसी साल 16 अगस्त को 93 वर्ष की उम्र में देहांत हो गया था. उन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की. उत्तराखंड सरकार पहले ही देहरादून एयरपोर्ट का नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर करने का ऐलान कर चुकी है. इससे पहले लखनऊ के मशहूर हजरतगंज चौराहे का नाम बदलकर अटल चौक किया गया.

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