तुम करते हो सलाम अफजल गुरु को, हम तो भारत माता को करते हैं, क्या समस्या है वंदे मातरम गाने में – श्री वेंकैया नायडू

भारत के उपराष्ट्रपति के वेंकैया नायडू की देश भक्ति की भावना प्रवल हुई और उन लोगो कड़ा विरोध किया जिन्होंने देश में वंदे मातरम का विरोध कर रहे। उन्होंने

सही मायने वंदे मातरम का अर्थ बताते हुए कहा कि””वंदे मातरम माने मां तुझे सलाम. क्या समस्या है? अगर मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरू को

सलाम करेंगे?” ये वो लोग समझ ले की जिन्होंने “वंदे मातरम “का विरोध कर रहे है।

बता दें कि नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति के वेंकैया नायडू ने एक कार्यक्रम में कहा कि ”अगर मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरू को सलाम करेंगे?

उपराष्ट्रपति ने विहिप के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की पुस्तक के विमोचन के अवसर बोल रहे थे और वेंकैया नायडू ने सवाल किया कि “‘वंदे मातरम माने मां

तुझे सलाम. क्या समस्या है? अगर मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरू को सलाम करेंगे?” इस कार्यक्रम में राष्ट्रवाद को परिभाषित करने का प्रयास

करने वाले लोगों का उल्लेख करते हुए कहा की वंदे मातरम का अर्थ होता है कि माँ की प्रशंसा करना और उन्होंने कहा कि जब कोई भारत माता की जय बोलता है

तो उसका अर्थ यह नहीं कि वह किसी खास देवी माँ की गुण गा रहा है।

गौरतलब है कि नायडू ने कहा कि “इस देश 125 करोड़ लोग रहते है और वह किसी भी धर्म ,जाति ,रंग, पंथ आदि का हो वे सभी भारतीय है।

उन्होंने अपने

वक्तव्य में कहा कि “हिंदुत्व पर उच्चतम न्यायालय के 1995 के फैसले का उल्लेख किया जिसमें कहा गया है कि यह कोई धर्म नहीं बल्कि जीवन जीने का एक

तरीका है। ”

दरसअल कार्यक्रम के अंत में कहा की “हिंदुत्व भारत की संस्कृति और परंपरा है जो विभिन्न पीढ़ियों से गुजरा है. उपासना के अलग अलग तरीके हो सकते हैं

लेकिन जीवन जीने का एक ही तरीका है और वह है हिंदुत्व.” नायडू ने कहा कि हमारी संस्कृति ‘वासुधैव कुटुम्बकम’ सिखाती है जिसका मतलब है कि विश्व एक

परिवार है.

उन्होंने सिंघल पर कहा कि वह हिंदुत्व के समर्थकों में से एक थे और उन्होंने अपने जीवन के 75 वर्ष भविष्य की पीढ़ियों के लाभ के लिए समर्पित कर

दिए। आज हिन्दू का सबसे बड़ा गौरव हिंदुत्व है और देश सभी हिन्दू इनके अंश है। नायडू के इस विचार से वे लोग जो बंदे मातरम का विरोध कर रहे है और देश

की अखंडता को चोटिल करना चाहते है। वे अपना रास्ता बदलकर देश की अखंडता में सहयोग देंगे। बता दें कि ये बंदे मातरम विरोधी वर्ग गैर हिंदूवादी हैं। 

Share This Post

Leave a Reply