खुलने लगीं मायावती के भाई के काले साम्राज्य की काली परतें.. इनकम टैक्स की अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाई, जब्त की अरबों की बेनामी संपत्ति

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर आयकर विभाग की नजरें टेढ़ी हो गई हैं. आयकर विभाग की नजरों में मायावती के भाई का काला साम्राज्य आ गया है, जिसकी परतें खुलने लगी हैं, जिससे निश्चित रूप से मायावती की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. खबर के मुताबिक़, शुक्रवार को इनकम टैक्स विभाग ने मायावती के भाई आनंद और भाभी विचित्रलता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मायावती के भाई और उनकी पत्नी का बेनामी प्लॉट जब्त किया गया है. इस प्लॉट की कीमत 400 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

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बता दें कि कि मायावती के भाई आनंद कुमार और उनकी भाभी विचित्र लता के जिस बेनामी प्लॉट को जब्त किया है, वह नॉएडा में 7 एकड़ का प्लाट है. इनकम टैक्स की यह कार्रवाई मायावती के लिए परेशानी बन सकती है. मायावती ने हाल ही में अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था. बता दें कि मायावती के भाई आनंद कुमार कभी नोएडा प्राधिकरण में मामूली क्लर्क हुआ करते थे. लेकिन मायावती के सत्ता में आने के बाद आनंद कुमार की संपत्ति अचानक तेजी से बढ़ी. उनके ऊपर फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये लोन लेने का आरोप भी लगा था.

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कहा जाता है कि उन्होंने पहले एक कंपनी बनाई थी. 2007 में मायावती की सरकार आने के बाद आनंद कुमार ने एक के बाद एक लगातार 49 कंपनियां खोलीं. देखते ही देखते 2014 में वह 1,316 करोड़ की संपत्ति के मालिक बन गए. इसके अलावा मायावती के भाई आनंद पर रियल एस्टेट में निवेश कर करोड़ों रुपये मुनाफा कमाने का भी आरोप है. इस मामले को लेकर इनकम टैक्स विभाग उनके खिलाफ जांच कर रहा था. इनकम टैक्स के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय के पास भी इस मामले की जांच है.

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आपको बता दें कि आनंद कुमार नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान चर्चा में आए थे. उनके खाते में अचानक 1.43 करोड़ रुपये जमा हुए थे. इतनी बड़ी रकम उनके खाते में आने के बाद से वह एक बार फिर से जांच एजेंसियों की नजर में आ गए थे. जांच एजेंसियां पहले भी कई बार आनंद के घर और दफ्तरों में छापेमारी कर चुकी हैं. आनंद कुमार पर लगा है कि उन्होंने बोगस कंपनियां बनाकर कई हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति खड़ी की. ये भी आरोप है कि उन्होंने नोटबंदी के दौरान इन्हीं फर्जी कंपनियों की सहायता से करोड़ों रुपए बदलवाए गए.

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गौरतलब है कि आनंद कुमार के खिलाफ बेनामी संपत्ती की जानकारी मिली थी. जिसके बाद 2017 में आयकर विभाग ने उनसे पूछताछ की थी. इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक आनंद कुमार ने दिल्ली के व्यवसायी एसके जैन के सहयोग से कई हजार करोड़ की बेनामी संपत्ती जुटाई थी. इस मामले में एसके जैन को बोगस कंपनी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया था. जानकारी के मुताबिक आनंद कुमार ने 2007 से लेकर 2012 तक बेनामी संपत्ति बनाई थी. यह वही दौरा था जब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थी.

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