नहीं आ रहा है बाज चीन अपनी चलबाज हरकतों से, फिर से करी शर्मनाक हरकत

भारत और चीन के बीच चल रही गरमा गर्मी ने एक और मोड़ ले लिया है। चीन बार बार अपनी चलबाज हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक के बाद एक नए मामले को बढ़ावा दे रहा है। ड्रैगन अपनी पूरी कोशिश में लगा हुआ है कि किसी भी तरह भारत को हानि पहुंचा सके। चीन यह भूल रहा है कि अब महाशक्ति भी भारत के साथ एकजुट हो उसके खिलाफ खड़ी हुई है और चीन को यह भूलना नहीं चाहिए किसी भी प्रकार से उससे कम नहीं है। जहां एक ओर डोकलाम का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है तो वही दूसरी तरफ चीन एक और हिमाकत कर चूका है।

गौरतलब हो कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने 15 अगस्त भारत ने लद्दाख सीमा पर पैंगोंग झील के पास भारतीय व चीनी जवानों में हुई झड़प की पुष्टि करते हुए कहा कि मैं 15 अगस्त को पैंगोंग त्सो में हुई घटना की पुष्टि कर सकता हूं। बताया जा रहा है कि 15 अगस्त को चीनी जवानों ने पैंगोंग झील के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा पार करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें भारतीय जवानों ने रोक दिया। चीन की इस हरकत की वजह से दोनों देशों की झड़प ने पथराव की शक्ल ले ली।
यह गतिरोध एक घंटे से ज्यादा तक चला जिससे दोनों देशों के बीच मनमुटाव और बढ़ गया। इस मुद्दे को लेकर बाद में दोनों पक्षों के स्थानीय सेना कमांडरों ने इस पर चर्चा की। इस मामले को गम्भीरता को देखते हुए इसे सीमा कार्मिक बैठक (बीपीएम) में उठाया गया। इस मुद्दे के संबंध में दो बीपीएम हुई हैं, एक नाथू ला में एक सप्ताह पहले हुई थी जबकि एक लद्दाख के चुसुल में 16 अगस्त को हुई।
सिक्किम के सीमावर्ती क्षेत्र में भारत व चीन के जवानों के बीच चल रहे गतिरोध पर कुमार ने कहा कि भारत, चीन के साथ परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए अपना प्रयास जारी रखेगा। बाद में दोनों पक्षों के स्थानीय सेना कमांडरों ने इस विषय पर चर्चा करते हुए, हम मानते हैं कि इस तरह की घटनाएं किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। हमें सीमा पर शांति बनाए रखना चाहिए। सिक्किम के सीमावर्ती क्षेत्र में भारत व चीन के जवानों के बीच चल रहे गतिरोध पर कुमार ने कहा कि भारत, चीन के साथ परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए अपना प्रयास जारी रखेगा।
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