भारत के जिस एयरफ़ोर्स ने दुनिया में बजा दिया डंका उसको पिछले कुछ समय से लगातार घसीटा जा रहा था राजनीति में.. पाकिस्तान में नहीं भारत में, राफेल के नाम पर

आज एक बार पुनः भारतीय वायुसेना के पराक्रम को पूरी दुनिया देख रही है तथा सैल्यूट कर रही है. जब जब हिंदुस्तान पर विधर्मी ताकतों ने बुरी नजर डाली है, भारतीय वायुसेना ने आगे आकर इन देश के दुश्मनों को नेस्तनाबूद किया है. चाहे वह 65 की लड़ाई हो, 71 की लड़ाई हो या कारगिल युद्ध हो.. भारतीय वायुसेना ने सामने से आकर मोर्चा संभाला तथा दुश्मन का खात्मा किया है. पुलवामा आतंकी हमले के बाद जब पूरा देश बदले की मांग कर रहा था, तब एक बार पुनः भारतीय वायुसेना ने राष्ट्र की इस आवाज को अपने पराक्रम की आवाज दी थी तथा LOC पार बड़ी कार्यवाई करते हुए 300 से ज्यादा इस्लामिक आतंकियों को मार गिराया.

भारतीय वायुसेना संकट की हर घड़ी में आगे आकर मोर्चा संभालती रही है लेकिन भारतीय राजनीति की बिडंबना देखिये… पिछले कुछ समय से भारत के कथित सेक्यूलर राजनेता वायुसेना को कमजोर के प्रयास में लगे हुए हैं. आज जिस एयरफ़ोर्स ने दुनिया में डंका बजाया है तथा भारत को गौरवान्वित किया है, उसी एयरफ़ोर्स को पिछले कुक समय से लगातार राजनीति में घसीटा जा रहा था, वायुसेना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा था. ये सब पाकिस्तान में नहीं बल्कि भारत में हो रहा था तथा राफेल की आड़ में निशाने पर भी वायुसेना.

एकतरफ जब केंद्र सरकार भारतीय वायुसेना को मजबूत बनाने के लिए राफेल विमान भारत ला रही थी तब दूसरी तरफ मोदी विरोधी विपक्ष जी जान से इस कोशिश में लगा हुआ था कि कैसे भी करके राफेल डील रद्द हो. ये जानने के बावजूद भारतीय वायुसेना को और सशक्त बनाने के लियी राफेल की सख्त जरूरत है, विपक्ष लगातार राफेल डील के खिलाफ अभियान चलता रहा तथा वायुसेना को कमजोर करने की कोशिश करता रहा. उम्मीद की जानी चाहिए कि एयरफ़ोर्स के आज के पराक्रम के बाद भारत के राजनेता अपनी इस निम्नस्तरीय राजनीति से बाज आयेंगे तथा एयरफ़ोर्स को मजबूत बनाने के लिए राफेल मामले पर सकारात्मक द्रष्टिकोण अपनाएंगे.

Share This Post