3 दिन पहले ही M.Tech छात्र से आतंकी बने गद्दार को खोज निकाला सेना ने, फिर हुआ वो जो देश चाहता था


राहिल राशिद शेख जो M.Tech इंजीनियर था तथा सभी उसको देशभक्त मानते थे. सरकार  भी राशिद को वो तमाम सरकारी सुविधाएं दे रही थी, जिन्हें प्राप्त कर वह अपना करियर बना सके तथा देश के विकास में अपना योगदान दे सके. लेकिन राहिल राशिद शेख वो गद्दार था जिसके दिल में हिंदुस्तान के प्रति नफरत धड़कती थी. फिर उसने हिंदुस्तान के फौजियों का मुकाबला करने के  लिए हथियार उठाया तथा इस्लामिक आतंकी दल हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया.

दुश्मनी थी असलम और परवेज़ की.. और कत्ल हुआ आकाश का, जिसका दोष सिर्फ इतना था कि वो असलम का दोस्त था

खबर के मुताबिक़, गद्दार राहिल राशिद शेख ने  तीन दिन पहले ही आतंकी संगठन जॉइन किया था लेकिन वो भूल गया था कि हिन्द की सेना से वह बच नहीं पायेगा. इसके बाद आतंकी राहिल राशिद शेख के  साथ वही हुआ जो देश चाहता था. भारत की जांबाज सेना ने गद्दार राहिल राशिद शेख को जहन्नुम भेज दिया. आपको बता दें कि जम्मू एवं कश्मीर के शोपियां जिले में शनिवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में इस्लामिक आतंकी दल हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकी मारे गये थे, इनमें से ही एक एक एम.टेक का छात्र था.

अकेले मंगल पाण्डेय ही नहीं , एक और सैनिक उसी समय चढ़ा था फांसी.. लेकिन वो दूसरा नाम मिटा दिया नकली कलमकारों ने

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया था कि शोपियां में एक बगीचे से आतंकवादियों ने सेना के गश्ती दल पर गोलीबारी शुरू कर दी थी, जिसपर सैन्यकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की. दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे गए थे.  मारे गए आतंकियों की पहचान राहिल राशिद शेख और बिलाल अहमद के रूप में हुई थी. बिलाल शोपियां के कीगम इलाके का रहनेवाला है. वहीं राहिल गांदरबल जिले का रहनेवाला था. दोनों आतंकी हिज्बुल मुजाहिदीन संगठन से जुड़े हुए थे. राहिल ने तीन दिन पहले ही आतंक की राह चुनी थी और वह एमटेक पास था.

पहले महबूबा मुफ़्ती के करीबी को गोलियों से भूना, और अब आतंकियों ने किया उमर अब्दुल्ला के करीबी के घर पर ग्रेनेड से हमला


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...