अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र को ढेर करने के बाद अब मार गिराया गया दिल्ली के जामिया यूनिवर्सिटी का स्कॉलर जो असल में था वतन का गद्दार

पिछले दिनों AMU से पीएचडी कर रहा कश्मीरी छात्र मन्नान वानी वतन से गद्दारी करते हुए आतंकी संगठन से जुड़ गया था और भारतीय सेना द्वारा ढेर कर दिया गया था. सेना द्वारा मन्नान वानी को ढेर किये जाने के बाद काफी राजनैतिक बवाल हुआ था लेकिन अब भारतीय सेना ने AMU के बाद दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में शोध के गद्दार आतंकी छात्र सबजार अहमद सोफी को भी भारतीय सेना ने जहन्नुम पहुंचा दिया है. आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नौगाम इलाके में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए. इनमें एक आतंकी शोध छात्र था.

पुलिस ने जानकरी देते हुए बताया कि कि दोनों आतंकवादियों की पहचान सबजार अहमद सोफी (33)और आसिफ मोहम्मद के रूप में हुई है. सोफी नयी दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से वनस्पतिशास्त्र में पीएचडी कर रहा था. जुलाई, 2016 में हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद वह आतंकवादी बन गया था. आतंकवाद से जुड़कर सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा जाने वाला वह इस साल तीसरा उच्च शिक्षा प्राप्त व्यक्ति है. उसके पास एमएससी और बीएड की डिग्रियां भी हैं. इसी महीने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का शोध छात्र मन्नान बशीर उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था. उससे पहले कश्मीरी विश्वविद्यालय का सहायक प्रोफेसर रफी भट इस साल मई में आतंकी बनने के दो दिन बाद ही शोपियां में मुठभेड़ में मारा गया.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नौगाम के सुथू कोथैर इलाके में कुछ आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने तड़के घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था. उन्होंने बताया कि इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की, जिसके बाद छिड़ी मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गये. अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ खत्म होने के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प शुरू हो गई. अधिकारियों ने एहतियाती तौर पर शहर में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी और शैक्षणिक संस्थानों को भी बंद करना पड़ा.

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