पहले तारिक पुलिस में था जब उसको प्रचारित किया गया देशभक्त के रूप में..बाद में वही बना दुर्दांत आतंकी

आज जब लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 59 लोकसभा सीटों पर छठे चरण का मतदान हो रहा है तथा जनता देश की नई सरकार को चुनने के लिए वोट कर रही है तो उधर हिन्द की जांबाज सेना ने भारतमाता की जय तथा वन्देमातरम के उद्घोष के साथ जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान दो इस्लामिक आतंकियों को जहन्नुम रवाना कर दिया. मारे गये इन दो आतंकियों में एक पहले पुलिस का अधिकारी था तथा पिछले साथ आतंकी दल में शामिल हुआ था.

हिन्द की सेना के जांबाज जवानों ने आतंकियों पर यह प्रहार शोपियां के हिन्दसीतापुर में किया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिन्दसीतापुर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद 34 राष्ट्रीय रायफल्स, एसओजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी की. इसके बाद आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग होने लगी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों ने फायरिंग के दौरान गांव में छिपे आतंकियों को निशाना बनाया और दो आतंकियों को मार गिराया. दोनों ही आतंकियों के शव बरामद कर लिए गए हैं.

बताया गया है कि मारे गए दोनों आतंकी कई हमलों में शामिल रहे हैं. लश्कर-ए तैयबा के ये दोनों ही आतंकी वांटेड थे. दोनों ही आतंकियों की पहचान बशारत अहमद और तारिक अहमद के रूप में हुई है. बशारत अहमद निकलूरा और तारिक खारीपोरा का रहने वाला है. तारिक अहमद पहले पुलिस में एसपीओ था, जिसने बाद में आतंक का रास्ता अपना लिया था. तारिक अपने सर्विस राइफल के साथ बीते साल 26 अप्रैल को पाखेरपोड़ा पोस्ट से फरार हो गया था, जिसे अब हिन्द की सेना ने जहन्नुम भेज दिया.

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