कहीं महिलाओं को ढक कर रखने के आ रहे फ़रमान, लेकिन राजपथ पर महिलाओं ने हाथों में हथियार ले कर दी सलामी

एक तरफ कट्टरवाद व उन्माद की तरफ बढ़ते दुनिया के कुछ देशों के मज़हबी चरमपंथी अपना तमाम जोर महिलाओं के ऊपर लगाते हुए उन्हें जबरन तमाम बंदिशों में जकड़ते जा रहे हैं तो वहीं भारत मे जो कुछ भी दिखा वो एक सुखद अनुभूति देने वाला था.. साथ ही साथ भारत की वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा चलाये जा रहे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लक्ष्य को और भी अधिक बल देने वाला भी ..राजपथ पर इस बार जो कुछ भी दिखा वो संसार भर में भारत के अंदर नारियों के स्थान का एक बहुत बड़ा प्रमाण है .

70वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में राजपथ पर पहली बार असम राइफल्स का महिला सैनिकों का दस्ता नजर आया। इसका नेतृत्व मेजर खुशबू कंवर ने किया। खुशबू हरियाणा के भिवानी जिले की रहने वाली हैं। पहली बार महिला जवानों का 148 सदस्यीय दल गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुआ।

मेजर खुशबू कंवर ने बताया कि राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी देना मेरे लिए गर्व की बात है। असम राइफल्स के महिला दस्ते का नेतृत्व करना भी गौरवान्वित करने वाला है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा दिन और बहुत बड़ा मौका व सम्मान है। इसके लिए मैं तहेदिल शुक्रिया अदा करती हूं।

मणिपुर के उखरुल में मेजर के पद पर तैनात खुशबू कंवर का जन्म जयपुर में हुआ। अप्रैल 2012 में उन्हें सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। अप्रैल 2013 में उनकी शादी भिवानी के गांव इंदीवाली वासी मेजर राहुल तंवर से हुई। मेजर राहुल तंवर को 2010 में सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। 2018 में खुशबू कंवर मेजर बनीं। उनके ससुर कैप्टन महेंद्र सिंह तंवर भी सेना से रिटायर्ड है।

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