भारत की ताकत हुई दोगुनी, तेजस के हासिल की एक और सफलता


नई दिल्ली : हवा से हवा में मार देने वाले लड़ाकू विमान तेजस ने शुक्रवार को सफलतापूर्वक डर्बी मिसाइल के जरिए लक्ष्य को नष्ट कर अपनी बेयॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल दागने की क्षमता का प्रदर्शन किया। बता दें कि तेजस ने अपनी क्षमता प्रदर्शन के लिए राडार निर्देशित मोड में चांदीपुर के अंतरिम परीक्षण केंद्र में एक मैनोयूरेबल एरियल लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया। 
आईटीआर के सेंसर ने लक्ष्य और मिसाइल का पता लगाया। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य तेजस में मौजूद प्रणालियों के साथ डर्बी को जोड़े जाने का आकलन करना और इसके प्रदर्शन का सत्यापन करना था। तेजस के अलावा इसमें एवियोनिक्स, अग्नि नियंत्रण राडार, लांचर और मिसाइल हथियार आपूर्ति इस प्रणाली मे शामिल है। 
बता दें कि तेजस 50 हजार फीट तक उड़ सकता है, दुश्मन पर हमला करने के लिए इसमें हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी मिसाइल लगी है तो जमीन पर निशाना लगाने के लिए आधुनिक लेजर गाइडेड बम लगे हुए हैं। अगर ताकत की बात करें तो तेजस पुराने मिग 21 से कहीं ज्यादा आगे है और मिराज 2000 से इसकी तुलना कर सकते हैं। 
ये ही नहीं चीन और पाकिस्तान के साझा उपक्रम से बने जेएफ-17 से कहीं ज्यादा बेहतर है। तेजस का फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम जबरदस्त है। तेजस 50 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। वहीं, एक बयान में कहा गया है कि सुरक्षित तरीके से अलग होने के बाद राडार द्वारा पकड़े गए लक्ष्य की दिशा में मिसाइल को निर्देशित किया गया। इस त्रुटिरहित परीक्षण में सभी प्रणालियों ने संतोषजनक प्रदर्शन किया और मिसाइल ने लक्ष्य पर सीधा निशाना साधा और उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया।

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