स्वच्छता की रेस में इंदौर निकला सबसे आगे, जानिए किस नंबर है आपका शहर

इंदौर : केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी स्वच्छता सर्वेक्षण की रैकिंग में इंदौर को देशभर में पहला स्थान मिला है और दूसरा स्थान मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को मिला है। भारत के टॉप पांच स्वच्छ शहरों में शामिल दूसरे सिटी हैं, एमपी की राजधानी भोपाल, आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम, गुजरात का सूरत शहर, जबकि उत्तर प्रदेश का गोंडा देश के सबसे गंदे शहरों में आगे हैं और महाराष्ट्र का भुसावल दूसरा सबसे अस्वच्छ शहर है। 
वहीं, महाराष्ट्र के भुसावल 433वें पायेदान पर, इसके बाद बिहार का बगहा, उत्तराखंड का हरदोई, बिहार का कटिहार, यूपी का बहराइच, पंजाब का मुक्तसर और अबोहर तथा इसके बाद यूपी का शाहजहांपुर 426वें तथा खुर्जा 425वें स्थान के साथ देश के दस सबसे गंदे शहरों में रहा। देश भर में शहरी विकास मंत्रालय द्वारा किये गये सर्वे में ये आंकड़े सामने आए हैं। कार्यक्रम के दौरान इंदौर की महापौर मालिनी गौड और निगम कमिश्नर भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनें। 
मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश के शहरों में स्वच्छता को लेकर किए जा रहे कार्यों में काफी उन्नती हो चुकी है। शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में सुबह, शाम और रात को भी जी तोड़ मेहनत किया गया है। शहर की कचरा पेटियां हटा दी गई है और सभी 85 वार्ड में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। 
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महापौर मालिनी गौड़ और आयुक्त मनीष सिंह को आमंत्रण दिया गया था इसलिए शहर की उम्मीदें काफी बढ़ गई थी। गौरतलब है कि शहरी विकास मंत्रालय ने इस साल 500 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण किया है, जिसमें से टॉप 25 शहरों में मध्य प्रदेश के आठ शहर शामिल है। यह सर्वे जनवरी से मार्च के बीच हुआ था और इसमें प्रदेश के 34 राज्यों को शामिल किया गया था।     
बता दें कि ये सर्वे इस साल जनवरी से फरवरी के बीच में किया गया था। 2014 में लॉन्च किये गये स्वच्छता मिशन का मकसद भारतीय शहरों को 2019 तक स्वच्छ सुंदर और खुले में शौच से मुक्त करना है। स्वच्छ भारत अभियान को लेकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, गली-मोहल्लों सफाई, सार्वजनिक शौचायलों में सफाई, अस्पतालों में सफाई, शहर के अंदर सफाई के लिए ओडीएफ, कचरा निष्पादन, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, और स्वच्छ पेयजल पर काम शुरु है। 
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