हम जवान और कुंवारे है इसलिए हमे माफ़ कर दो , हम अच्छे इंसान बन कर दिखायेगे – NIA द्वारा गिरफ्तार ISIS आतंकी

जब तक वो सुक्षा एजेंसियों की पकड़ से दूर थे तब तक उन्हें भारत से हद से ज्यादा नफरत थी. वो इराक के संघठन के लिए जान देने और जान लेने के लिए उतारू थे . पर NIA के पकड़ में आते ही उन्हें ना जाने वो कौन सा ज्ञान उनको प्राप्त हो गया कि वो बन गए राष्ट्रभक्त और अदालत से मांग रहे हैं अपने लिए मौका .


दुर्दान्त आतंकी संगठन ISIS से जुड़े हुए शेख अज़हर उल इस्लाम उर्फ़ अब्दुल सत्तर और मोहम्मद फरहान उर्फ़ रफीक शेख ने जिला व् सत्र न्यायाधीश अमरनाथ के आगे अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि वो मानते हैं कि उनसे गलती हुई और और वो मार्ग से भटक गए हैं . कभी दुधमुहे बच्चों तक की हत्या करने में उफ़ भी ना करने वाले आतंकियों ने अदालत को बताया कि वो युवा हैं और अविवाहित हैं . 


युवा और अविवाहित होने की दलील के साथ दोनों दुर्दान्त आतंकियों ने कहा कि वो आगे से पक्के देशभक्त बन जायेगे और राष्ट्र के साथ समाज निर्माण में खूब मन लगा कर कार्य करेगे . आतंकियों के इस कबूलनामे से जांच एजेंसी NIA द्वारा की जा रही पक्की और निष्पक्ष जांच का भी प्रमाण मिलता है . आतंकियों ने अपना वकील एम् एस खान को नियुक्त किया था जिन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में अदालत से रहम की अपील करते हुए केस को राज्य गृह मंत्रालय को सौपने की गुहार लगाई . 


NIA की जांच में दोनों आतंकियों पर मजहबी कट्टरता फैलाने, युवाओं को गुमराह करने, आत्नाक्वाद अधिनियम  और भारत के विरुद्ध युद्ध झेड़ने की साज़िश आदि के अपराध में आरोप तय किये हैं . गिरफ्तार आतंकी शेख अज़हर जम्मू कश्मीर और फरहान महाराष्ट्र का निवासी है . 

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