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प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण क़ानून का मजहबी विरोध शुरू… बरेली के मौलाना ने सत्ता को दिखाई इस अंदाज में आँखें

राष्ट्र निर्माण संगठन के प्रमुख तथा सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक श्री सुरेश चव्हाणके जी के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून की मांग के लिए किये जा रहे अथक प्रयासों को उस समय पंख लगे जब देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से लोगों से जनसंख्या नियंत्रित करने की बात कही. जैसे ही पीएम ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की बात कही, वैसे ही इस बात की उम्मीद लगाई जाने लगी है कि वो दिन दूर नहीं है जब मोदी सरकार जनसंख्या नियंत्रण बनायेगी.

हालाँकि अभी जनसंख्या नियंत्रण क़ानून बना नहीं है लेकिन इससे पहले ही इस प्रस्तावित क़ानून का मजहबी विरोध शुरू हो गया है. जनसंख्या नियंत्रण क़ानून कब आएगा, आयेगा तो इसके प्रारूप क्या होंगे, इसको लेकर जारी तमाम चर्चाओं के बीच यूपी के बरेली के मौलाना ने इस कानून का विरोध करने की बात कही है. उनका कहना है कि इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है. बरेली के तंजीम उलेमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन ने जनसँख्या नियंत्रण कानून के विरोध में कहा कि बच्चे कम पैदा करने के सिलसिले में शरियत इस्लामिया ने कोई पाबन्दी नही रखी है, इस्लाम पाबन्दी की इज्जत नही देता है.

उन्होंने कहा कि अगर लोग अपने तौर पर खुद ऐहतियात बरते है तो इसमे भी कोई हर्ज नही है लेकिन जनसंख्या नियंत्रण क़ानून की इजाजत इस्लाम नहीं देता है. मौलाना ने कहा कि हुकूमत किसी जोर जबरदस्ती के ज़रिए पापुलेशन कम population control करने की बात करती है तो ये नाजायज होगा. अगर इसकी कोशिश की गई तो एक बहुत बड़ा तबका विरोध करने पर भी उतर आएगा. अगर इस तरह की कोई पॉलिसी आते है तो हम लोग विरोध करेंगे और मुस्लिम संगठन भी विरोध करेंगे.

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