मुस्लिम प्रतिनिधि ने मुसलमानों से हथियार उठाने को कहा.. खामोशी से सुनती रही सेक्यूलर बिग्रेड

इस बयान पर न तो वो सेक्यूल बिग्रेड कुछ बोल रही है जो हिन्दू संगठनों को कम्यूनल बताने के बहाने तलाशती है और न ही कथित बुद्धिजीवी तथा संविधान के कथित हितैषी कुछ बोल पा रहे हैं. कारण ये बयान मुस्लिमों के एक बड़े नाम ने दिया है तथा ये बड़ा नाम है शिया मौलाना कल्बे जव्वाद. मौलाना कल्बे जव्वाद ने आत्मरक्षा के नाम पर मुस्लिमों को हथियार खरीदने की नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग मुसलमानों के एनकाउंटर का नया रूप है. 26 जुलाई को मॉब लिंचिंग से आत्मरक्षा के नाम पर लखनऊ में ट्रेनिंग आयोजित करने की घोषणा की है.

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जव्वाद ने कहा है कि 26 जुलाई को क़ानूनी तौर पर हथियारों रखने की ट्रेनिंग के लिए कैंप का आयोजन किया जाएगा. मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा है कि 26 जुलाई को क़ानूनी तौर पर हथियारों रखने की ट्रेनिंग के लिए कैंप का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग मुसलमानों के एनकाउंटर का नया रूप है, इसलिए मुस्लिमों के चाहिए कि अपने लिए हथियार खरीदें. कल्बे जव्वाद के अलावा कथित बुद्धिजीवी तथा सुप्रीम कोर्ट वकील महमूद प्राचा भी मुस्लिमों से ऐसी ही अपील कर चुके हैं.

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कल्बे जव्वाद के साथ ही प्रेस कांफ्रेंस करते हुए महमूद प्राचा ने कहा कि मॉब लिंचिंग के जवाब के लिए लोगों को हथियार रखने चाहिए और हथियार के लिए लाइसेंस हासिल कैसे किया जाए. इसके लिए एक ट्रेनिंग कैंप लगाया जाएगा. महमूद प्राचा ने कहा है कि इसके लिए मुस्लिमों को अपना कीमती सामान भी बेचना पड़े तो बेच दें लेकिन हथियार खरीदें. कल्बे जव्वाद जिन्हें शियाओं का सबसे बड़ा मौलाना कहा जाता है, उन्होंने सरेआम हथियार उठाने की बात कही है, लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि उनके इस बयान को न तो संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ माना जा रहा है और न ही इससे लोकतंत्र खतरे में आया है.

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