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जाटों का ‘दिल्ली कूच’ रद्द, 15 दिनों के लिए टला आरक्षण

नई दिल्ली : दिल्ली कूच करने की तैयारी में बैठे जाटों के प्रदर्शन पर अब विराम लग गया है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने जाट नेताओं से रविवार को मुलाकात की। जिसके बाद जाट नेताओं ने आश्वसन दिया की वे आज दिल्ली में प्रदर्शन नहीं करेंगे।

खट्टर ने एआइजेएएसएस के अध्यक्ष यशपाल मलिक के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र और राज्य दिल्ली हाइकोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए जल्द आरक्षण देने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। उन्होंने राज्य की जनता से शांति और भाईचारा बनाये रखने में सहयोग करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदर्शनकारियों पर 2010 से 2017 के बीच दर्ज मामलों का पुन: मूल्यांकन करेगी और जाटों को पूरा न्याय दिया जायेगा।

इन प्रदर्शनों में मारे गये लोगों के परिजनों और विकलांग हुए लोगों को स्थाई नौकरियां दी जायेंगी। इस आंदोलन के मद्देनजर हरियाणा में एहतियातन अर्धसैनिक बलों की 124 कंपनियां तैनात की गई है। इनमें रैपिड एक्शन फोर्स की 18, सीआरपीएफ की 60, आईटीबीपी की 20 और सशस्त्र सुरक्षा बल की 26 कंपनियां शामिल हैं। वहीं, इस ऐलान के बाद राहत महसूस कर रहे दिल्ली के अधिकारियों ने सोमवार को राजधानी में लगने वाली पाबंदियों को वापस ले लिया।

दिल्ली मेट्रो ने कहा कि उसकी सेवाएं सोमवार को सामान्य रूप से चलेंगी और केवल संसद भवन के आसपास के कुछ स्टेशनों से निकासी पर रोक रहेगी।  गौरतलब है कि आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा के जाट समुदाय के लोग पिछले एक साल से प्रदर्शन कर रहें हैं। हाल ही में जंतर-मंतर पर भी जाटों ने आरक्षण को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था और अपनी मांग मनवाने के लिए अब जाट दिल्ली कूच करने की तैयारी में है। लेकिन अब सोमवार को वे दिल्ली में आंदोलन नहीं करेंगे।

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