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नेहरु के कारण जिन्ना का बंगला अभी भी है भारत में . भाजपा विधायक ने कहा इसे फ़ौरन ध्वस्त किया जाय.

मुम्बई के प्रमुख बिल्डर व भाजपा विधायक श्री मंगल प्रभात लोढा ने महाराष्ट्र विधानसभा में दक्षिण मुम्बई में अभी भी मौजूद भारत के टुकड़े करा कर ही दम लेने वाले पाकिस्तानी मुहम्मद अली जिन्ना के ढाई एकड़ में बने अभी तक मौजूद बंगले पर गहरी नाराजगी जताई .


भाजपा विधायक श्री मंगल प्रभात जी ने कहा कि इस बंगले को तत्काल ढहाया जाय और इसके स्थान पर कोई सांस्कृतिक केंद्र खोला जाय. ये बंगला भारत के विभाजन का प्रतीक है और अफ़सोस पूर्वर्ती सरकारों ने इस बंगले के रखरखाव में लाखों रुपये खर्च किये जो किसी भी हालात में उचित नहीं है .

ज्ञात हो कि जब भारत के बिस्मिल और आज़ाद जैसे क्रांतिकारी भुने खा कर भारत की स्वतंत्रता कि जद्दोजहद में लगे थे तब उस समय पाकिस्तान संस्थापक जिन्ना अखरोट की लकड़ी की पैनलिंग के साथ इटैलियन संगमरमर के इस्तेमाल से बने इसी खंभों वाले भवन में भारत को बांटने की बैठके आयोजित करता था. सन  1982 में खाली होने के बाद इसका रिहायशी प्रयोग लगभग न के बराबर हुआ है .


हर समय भारत में आतंक संचालित करने की ताक में लगे भारत में कोई नया ठौर खोजते पाकिस्तान ने भारत से कई बार कहा कि वह इस घर को पाकिस्तान सरकार को या तो बेच दे या फिर लीज़ पर दे, लेकिन पूरवर्ती सरकार ने पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को कभी खारिज नहीं किया.


साल 2007 में जिन्ना की पुत्री दिना जो तब 88 साल की थीं और न्यूयार्क में रहती थी , उन्होंने इस जमीन की मालकिन खुद को घोषित करने के लिए मुंबई हाईकोर्ट में याचिका डाली थी ..


इस सारे विवाद की जड़ में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ही हैं जिनके आदेश पर ही यह निर्णय हुआ था कि मोहम्मद अली जिन्ना और उनकी पुत्री को ना तो विस्थापित लिखा जाए और न ही उनकी संपत्ति को ‘विस्थापितों की संपत्ति’ के रूप में दर्ज किया जाए..


पिछले ही सप्ताह नरेन्द्र मोदी की भाजपा सरकार ने संसद ने नए शत्रु संपत्ति कानून को पारित किया है, जिसमें कहा गया है कि बंटवारे के वक्त पाकिस्तान और चीन चले गए लोगों के वंशजों का उस संपत्ति पर कोई दावा नहीं रहेगा, जो उनके परिवारों ने भारत में छोड़ी थी..

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