क्या रिश्ता है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जिन्ना की तस्वीर का जिस पर मचा हुआ है बवाल

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय हमेशा से अपने कारनामों और विचारधाराओं से विवादों में रहा हैं। यह वह विश्वविद्यालय हैं जहां वाईस चांसलर को नियुक्त करने के लिए आधार नहीं परम्परा का पालन किया जाता हैं, जिसके चलते कट्टरता फ़ैलाने वाले हामिद अंसारी को वाईस चांसलर नियुक्त किया गया था। एएमयू वो विश्वविद्यालय हैं जहाँ पर कथित रूप से एक इस्लामिक आतंकी संगठन की विचारधारा को माना जाता हैं। फिर एक बार एएमयू विवाद में आया हैं जिसकी वजह हैं मोहम्मद जिन्ना। मोहम्मद जिन्ना उन व्यक्तिओ में से एक व्यक्ति हैं जिनके कारण देश का बटवारा हुआ और लाखो लोगो की मौत हुई।

दरअसल, आलोक कुमार नामक युवक द्वारा जनसूचना अधिकार के अंतर्गत पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में आज भी लगे होने पर सूचना मांगी थी जिसके बाद एएमयू में खलबली मच गई है। जिसके बाद यह बात सामने आयी कि विश्वविद्यालय के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को पता नहीं है कि जिन्ना की तस्वीर कहां लगी हुई है? एएमयू के केंद्रीय सूचना अधिकारी इसके लिए कई दफ्तरों का चक्कर लगा चुके हैं। जानकारों का कहना है जिन्ना की तस्वीर एएमयू के यूनियन हॉल में लगी हुई है।
जिसपर मरम्मत कार्य चलने के कारण ताला लगा हुआ हैं। बता दे ,1938 में एएमयू छात्र संघ द्वारा ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के तत्कालीन अध्यक्ष मोहम्मद अली जिन्ना को मानद सदस्यता प्रदान की गई थी। उस समय वह एएमयू में आए भी थे। इस संबंध में एएमयू छात्र संघ निवर्तमान अध्यक्ष फैजुल हसन ने स्वीकार किया कि जिन्ना की तस्वीर यूनियन हॉल में लगी है। जिन्ना जिन्होंने देश का बटवारा करवाया। बटवारे में लाखो बेगुनाह लोग मारे गए, जिस कारण आज भी पाकिस्तान में रह रहे हिन्दू पीड़ित हैं। जिस कारण लाखों भारतीयों को अपना घर बार छोड़ना पड़ा। उस मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर आज भी एएमयू में लगी हुई हैं।  
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