मध्य प्रदेश सरकार वापस ले रही कांग्रेसियों पर दर्ज मुकदमे जबकि UP सरकार में भाजपा विधायक पर बरस रहा पुलिस का कहर

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की नई नवेली कमलनाथ सरकार का एक महीना पूरा होने पर कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है. गुरूवार को कमलनाथ सरकार की कैबिनेट मीटिंग में फैसला लिया गया कि पिछले 15 वर्षों के दौरान कांग्रेसियों के खिलाफ जो भी मुकदमे दर्ज किये गये हैं हैं, उन सभी मुकदमों को वापस लिया जाएगा.

एकतरफ मध्य प्रदेश में सरकार बनते ही कांग्रेसियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जा रहे हैं तो वहीं उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा खुद भारतीय जनता पार्टी के ही विधायक पर कहर बरपाया जा रहा है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर के टांडा से भाजपा विधायक संजू देवी के परिवार का पुलिस क्रूरतम तरीके से दमन कर रही है. संजू देवी उन प्रखर हिंदूवादी रामबाबू गुप्ता की पत्नी हैं, जिनकी सपा सरकार में क्रूरतम तरीके से ह्त्या कर दी गई थी. खैर तब तो सपा सरकार थी लेकिन अब तो भाजपा की सरकार है तथा खुद संजू देवी भाजपा की विधायक हैं लेकिन उसके बाद भी संजू देवी का परिवार पुलिस के दमन का शिकार हो रहा है.

जिस तरह से मध्यप्रदेश सरकार ने कांग्रेसियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का फैसला किया है, उससे एक बारगी तो भाजपा कार्यकर्ता तथा खुद संजू देवी भी ये जरूर सोच रही होंगी कि काश उनकी सरकार भी ऐसा कर पाती, राजनैतिक दुर्भावना के शिकार अपने कार्यकर्ताओं का साथ दे पाती.  बताया गया है कि कांग्रेस के अलावा बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) समेत अन्य दलों के कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे भी वापस लिए जाएंगे. इसके अलावा कैबिनेट ने मंदसौर किसान आंदोलन और एससी/एसएसटी एक्ट के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को भी वापस लिए जाने का फैसला लिया गया है. मुकदमे वापस लेने के लिए तय की गई प्रक्रिया के तहत राज्य और जिला स्तर पर समिति बनाई जाएगी.

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