जिस दिखावे के भाईचारे पर सवाल उठाया था सुरेश चव्हाणके जी ने वही बनी ह्त्या की वजह.. मिठाई का डिब्बा प्रेम का प्रतीक समझकर धोखा खा गये कमलेश तिवारी


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तेजतर्रार हिन्दू राष्ट्रवादी नेता कमलेश तिवारी की उनके घर में हुई ह्त्या के बाद यूपी ही नहीं बक्ल्की देशभर में हड़कंप मचा हुआ है. देशभर का हिन्दू समाज कमलेश तिवारी की ह्त्या को लेकर आक्रोशित है तथा हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहा है. फिलहाल इस मामले में गुजरात ATS ने जहाँ तीन साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है तो वहीं कमलेश तिवारी की ह्त्या को अंजाम देने वाले दो हमलावर फरियद्दीन पठन और अशफाक शेख अभी फरार हैं, जिनकी तलाश  में पुलिस अभी जुटी हुई है.

कमलेश तिवारी की ह्त्या क्यों हुई? कैसे हुई? इसके पीछे की मंशा क्या थी ? ये वो सवाल हैं जिनके जवाब का हर किसी को इन्तजार है. लेकिन अयोध्या श्रीराम मंदिर मामले की सुनवाई के आख़िरी दिन सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके जी ने दिखावे के भाईचारे पर जो सवाल उठाया है, दिखावे का वही भाईचारा कमलेश तिवारी की ह्त्या की वजह बन गया. कमलेश तिवारी की ह्त्या करने आये उन्मादी भाईचारे के नाम पर मिठाई का डिब्बा लेकर आये थे तथा इसी मिठाई के डिब्बे को प्रेम का प्रतीक समझकर कमलेश तिवारी धोखा खा बैठे तथा उनकी ह्त्या कर दी गई.

दरअसल अयोध्या श्रीराम मंदिर मामले की सुनवाई के आख़िरी दिन खबर सामने आई थी कि भाईचारे के नाम पर सुन्नी वक्फ बोर्ड अपना दावा वापस ले सकता है. इसके बाद सुरेश चव्हाणके जी ने कहा था कि हमें दिखावे के इस भाईचारे से सचेत रहने की जरूरत है क्योंकि ये दिखावे का भाईचारा हमें जख्म दे सकता है. सुरेश चव्हाणके जी ने कहा था इस दिखावे के भाईचारे के कारण हमें पहले भी धोखा दिया गया है तथा एक बार फिर वही कहानी दोहराई जा सकती है. हालाँकि उस समय तमाम कथित सेक्यूलरों ने सुरेश चव्हाणके जी की इस बात  का मजाक बनाया था लेकिन आज ये बात सच साबित हुई है.

कमलेश तिवारी की ह्त्या करने के लिए उन्मादियों ने इसी दिखावे के इसी भाईचारे का सहारा लिया. हमलावर मिठाई का डिब्बा लेकर कमलेश तिवारी से मिलने के लिए पहुंचे. मिठाई के डिब्बे को कमलेश तिवारी ने प्रेम का प्रतीक समझा तथा उनसे सद्भावपूर्व तरीके से मुलाकात की. इस दौरान कमलेश तिवारी ने हमलावरों को चाय नाश्ता भी कराया लेकिन वो नहीं जानते थे कि क्या होने वाला है. इसके बाद हमलावरों ने 13 बार कमलेश तिवारी पर चाकुओं से वार किया तथा गला रेतकर उनकी ह्त्या कर दी. इस दौरान कमलेश तिवारी को गोली भी मारी गई.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...