भारत लौट कर रो रो कर बताया उस महिला ने .. अरब के शेख इंसान नहीं जल्लाद हैं, ये हिन्दुस्थान ही है सबसे प्यारा


नशीली दवाओं और हथियारों के कारोबार के बाद मानव तस्करी विश्व भर में तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। देश में अवैध मानव व्यापार का गोरखधंधा यानि मानव तस्करी जैसे संगठित अपराध इतनी तेजी से पांव पसारने लगा है कि सऊदी अरब में भारत मानव तस्करी के गढ़ के रूप में पहचाना जाने लगा है। एक ऐसा ही मामला सामने आया है कर्नाटक से, जहां मानव तस्करी का शिकार हुई महिला को 14 महिने बाद सऊदी अरब से वापस लाया गया।

दरअसल, कर्नाटक के उडुपी जिले की रहने वाली जेसिंता मेंडोंसा सऊदी अरब में करीब 14 महीने तक गुलामों की तरह जीवन बिताने के बाद भारत लौट आई। मानव तस्करी का शिकार हुईं जेसिंता को कतर में अच्छी नौकरी के बदले अच्छी सैलरी दिलाने का लालच देकर बिना बताए सऊदी अरब भेज दिया गया था।

सऊदी के वेस्टर्न में स्थित यानबू पोर्ट सिटी में मेन्डोंसा को एक घर में काम मिला, जहां वास्तव में गुलाम बना लिया गया और 14 महीनों तक काम करने के दौरान बुरी तरह टॉर्चर किया गया।

वहीं, इस मामले में भारत लौटी मेन्डोंसा ने मीडिया से बातचीत में अपनी अपबीती बताई। मेन्डोंसा ने कहा कि यानबू में मुझे नर्क जैसा अनुभव हुआ, मुझे अपने मालिक की मां के तीन मकानों में, उनकी 3 बीवियों और उनके बच्चों का काम दिन-रात करना पड़ता था, मेरे साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया जाता था। उनके बच्चे मुझे slave पुकारते थे।

इसके साथ ही कहा कि मुझे हर घर में ही रखा जाता, मुझे बाहर जाने की इजाजत नहीं थी।

पिछले साल भागने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया और मालिक के पास वापस भेज दिया। इसके साथ ही कहा कि घर से भागने की कोशिश करने के चलते मुझ पर दिक्कतों का पहाड़ टूट पड़ा। मेरी बुरी तरह पिटाई की गई और मेरे सिर को दीवार पर मारा गया। मैं गिड़गिड़ाई, लेकिन वे नहीं माने। मुझे पीने के लिए पानी भी नहीं दिया गया। जिसके बाद मेरी हालत और बिगड़ गई। वहीं, अब मानव अधिकारों के लिए लड़ रहे एक संगठन की मदद से 22 सितंबर अब जसिंथा अपने घर भारत वापस आ गई हैं। 

* फोटो सांकेतिक हैं


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...