इस्तीफा देने वाला कश्मीरी IAS दो लोगों से प्रभावित है.. पहला पाकिस्तानी प्रधानमन्त्री और दूसरा केजरीवाल

इस्तीफा देने वाले कश्मीरी IAS शाह फैसल ने राजनीति में आने का एलान कर दिया है. शाह फैसल ने कहा है कि वह चुनाव लड़कर जम्मू-कश्मीर का मुकद्दर बदलने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि वह संसदीय चुनाव लड़ेंगे लेकिन इसके लिए वह मुख्यधारा के किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे. शाह फैसल ने इस दौरान खुद को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान का फैन बताते हुए कहा कि वह इन दोनों  नेतओं को अपना आदर्श मानते हैं तथा इन्ही के आदर्शों पर चलने का प्रयास करेंगे.

शाह फैसल ने कहा कि वह अगला कदम उठाने से पहले राजनीतिक दलों सहित सभी समान विचारधारा के लोगों के साथ विचार-विमर्श करेंगे. कश्मीर में हम सबको एक साथ आने की जरूरत है. हम संकट की स्थिति में हैं. यह लोगों की कब्र पर राजनीति करने का समय नहीं है. यह पूछे जाने पर कि क्या वह चुनाव लड़ेंगे? फैसल ने कहा कि मुझे आगामी चुनाव लड़ने में खुशी होगी. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में राजनीति की जो स्थिति रही उसने युवाओं को इसकी ओर आकर्षित नहीं किया. हमें इसे बदलने की जरूरत है. मैं हमारी समस्याओं के समाधान के लिए संसद का उपयोग करना चाहता हूं.

शाह फैसल ने कहा कि मैं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और अरविंद केजरीवाल से काफी प्रभावित हूं. लेकिन हम जानते हैं कि कश्मीर में हमारे लिए काम करना इतना आसान नहीं हैं. अगर यहां के युवा मुझे मौका देते हैं तो मैं केजरीवाल या इमरान खान जैसा ही घाटी में दोहराना चाहूंगा. फैसल ने कहा कि क्षेत्र में जाने, युवाओं और अहम हितधारकों को जमीनी स्तर पर सुनने के बाद कोई  फैसला करने की मेरी योजना है. उन्होंने अपने इस्तीफे के समय को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा इस्तीफा एक हथियार है, जिसका सिर्फ  एक बार इस्तेमाल होना चाहिए और मुझे लगता है कि मैंने इसका सही वक्त पर उपयोग किया है.

फैसल ने फेसबुक पर बुधवार को एक संक्षिप्त बयान में लिखा कि उनका इस्तीफा, ”हिंदूवादी ताकतों द्वारा करीब 20 करोड़ भारतीय मुस्लिमों के हाशिये पर जाने की वजह से उनके दोयम दर्जे का हो जाने, जम्मू कश्मीर राज्य की विशेष पहचान पर कपटपूर्ण हमलों तथा भारत में अति-राष्ट्रवाद के नाम पर असहिष्णुता एवं नफरत की बढ़ती संस्कृति के खिलाफ है।” फैसल ने कहा कि उन्होंने कश्मीर में लगातार हत्याओं के मामलों और इन पर केंद्र सरकार की तरफ से कोई गंभीर प्रयास नहीं होने के चलते, भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने का फैसला किया है.

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