कुमार पर अब नहीं विश्वास… केजरीवाल को अब उनकी कविताओं से भी चिढ

आम आदमी पार्टी की आपसी कलह ने एक बार फिर कुमार विश्वास को शहीद कर दिया है। दरअसल दिल्ली सरकार की तरफ से लाल किले पर आयोजित होने वाले कवि सम्मेलन में कवि और नेता कुमार विश्वास को इस बार न्योता नहीं दिया गया है। अभी तक विश्वास केजरीवाल सरकार द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में शामिल होते आए हैं। कुमार की भावनाओं को केजरीवाल ने पहले राज्यसभा में न भेजकर ठेस पहुंचाई और अब कवी सम्मलेन में नहीं बुलाकर उनका अपमान किया है।

खबरों के मुताबिक विश्वास ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि सरकार की हिम्मत नहीं है कि उन्हें श्रोता रूप में भी सहन कर सके। सरकार में बैठे लोग उनसे नज़रें चुराने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि निमंत्रण मिलना-न मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण विषय नहीं है क्योंकि वो लोगों के दिलों पर राज करते है। कहा कि हिन्दी अकादमी के अलावा उर्दू अकादमी, संस्कृत अकादमी, मैथिली-भोजपुरी अकादमी, पंजाबी अकादमी इत्यादि ने भी उन्हें कार्यक्रमों में आमंत्रित किया है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर वर्ष आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित हिन्दी अकादमी कवि-सम्मेलन में वो जाते रहे हैं और श्रोता रूप में पूरे कार्यक्रम में बैठे हैं।

इस पर आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस तरह के निमंत्रण की कोई जानकारी नहीं है बाकी ऐसे बहुत से कार्यक्रम हैं जहां एक डेढ़ घंटे के इंटरव्यू आ रहे हैं जो लोग सुनना चाहें तो वहां उन्हें सुन सकते हैं।

बता दें कि आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा में संजय सिंह, एनडी गुप्ता और संजय गुप्ता को भेजा गया है। ऐसा कहा जा रहा था कि कुमार विश्वास को टिकट दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राज्यसभा का न मिलने पर विश्वास ने कहा था, ‘अरविंद ने एक बार मुझसे कहा था कि आपको मारेंगे, पर शहीद नहीं होने देंगे. मैं अपनी शहादत स्वीकार करता हूं, एक बार फिर कुमार के साथ वही हुआ है। 

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