कमलनाथ शासित मध्यप्रदेश में BSF जवान की दो नाबालिग बच्चियों के अपहरण.. पिता कहाँ लड़े ? सीमा पर या अंदर ?

BSF के उस जवान के ऊपर जिम्मेदारी है राष्ट्र की सुरक्षा की तथा वह इस जिम्मेदारी को अपनी जान की बाजी लगाकर पूरी ईमानदारी से निभा रहा है लेकिन अफ़सोस मुख्यमंत्री कमलनाथ शासित मध्यप्रदेश में खुद उसका परिवार ही सुरक्षित नहीं है. जब बचपन में वह सेना के जवानों को वर्दी में देखता था तो उसके मन में भी आता था कि बड़ा होकर वह भी सेना में जाएगा, वर्दी पहिनेगा तथा देश की रक्षा के लिए अगर उसे अपनी जान भी देनी पड़ी तो वह पीछे नहीं हटेगा. सेना की वर्दी पहिनने के लिए उसने बचपन से ही मेहनत की तथा वह BSF में भर्ती भी हो गया.

हर फ़ौजी की तरह उसने भी भारतमाता की सेवा में अपने जीवन की आखिरी बूंद तक बलिदान करने का संकल्प लिया लेकिन कमलनाथ शासित मध्यप्रदेश में दो बेटियों का अपहरण कर लिया गया है. मामला मध्यप्रदेश के ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के स्वतंत्र नगर का है. खबर के मुताबिक़, दुकान पर सामान लेने निकली बीएसएफ जवान की 11 वर्ष की और 14 वर्ष की दो बेटियां अचानक गायब हो गई. बच्चों के लापता होने का पता चलते ही परिजनों ने तलाश की लेकिन उनका कहीं भी पता नहीं चल सका.

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इसके बाद बच्चियों का पता नहीं लगने पर परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी है. महाराजपुरा थाना पुलिस ने बताया कि थाना क्षेत्र के स्वतंत्र नगर निवासी प्रताप सिंह राजावत बीएसएफ जवान है. उनके परिवार में पत्नी राधा तथा दो बेटियां हैं. बड़ी बेटी 14 साल व छोटी बेटी 11 साल की है. दोनो बहनें पास की दुकान पर सामान लेने गई थी. इसके बाद वे वापस नहीं आई.

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काफी समय बीतने के बाद भी जब दोनों बहने वापस नहीं आई तो मां राधा ने अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला. दोनों बच्चियों का पता नहीं चलने पर परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हुई और दोनों बहनों की तलाश शुरू कर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया. बताया गया है कि बीएसएफ जवान ने 2 माह पहले ही यहां पर बच्चों को पढ़ाने के लिए मकान लिया और अभी बच्चियां भी ज्यादा लोगों को नहीं जानती हैं. फिलहाल पुलिस दोनों बच्चियों की तलाश कर रही है.

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